बुलंदशहर : उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले से एक अहम मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने एक पाकिस्तानी नागरिक को गिरफ्तार किया है. नगर कोतवाली थाना क्षेत्र में चल रहे चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस को यह सफलता मिली. गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान सैय्यद वासिद अली के रूप में हुई है, जो पिछले करीब चार दशकों से भारत में अवैध रूप से रह रहा था.
पुलिस के अनुसार, वासिद अली के बारे में पहले से संदिग्ध सूचना मिली थी. इसी आधार पर चेकिंग के दौरान उसे हिरासत में लिया गया और पूछताछ शुरू की गई. प्रारंभिक जांच में सामने आया कि वह पाकिस्तान के कराची का रहने वाला है. उसके पास मिले पासपोर्ट की कॉपी से भी इस बात की पुष्टि हुई. पूछताछ में उसने खुद स्वीकार किया कि वह वैध दस्तावेजों के बिना भारत में रह रहा था..
आरोपी ने बताया कि वह अपनी मां और बहनों के साथ भारत आया था. उसकी मां ने कराची में तलाक के बाद बुलंदशहर के एक व्यक्ति से शादी कर ली थी. इसके बाद पूरा परिवार भारत आ गया. जहां उसकी दो बहनों को लॉन्ग टर्म वीजा मिल गया, वहीं वासिद का आवेदन लंबित रह गया. इसी कारण उसने यहां रहने के लिए फर्जी आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस बनवा लिए.
जांच में यह भी सामने आया कि वासिद अली पहले भी कानून के दायरे में आ चुका है. वर्ष 2012 में मेरठ में उसे विदेशी अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था. इस आपराधिक रिकॉर्ड के चलते उसका वीजा स्वीकृत नहीं हो पाया, जिसके बाद उसने गलत तरीके अपनाए.
पुलिस अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है. यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इतने लंबे समय तक वह कैसे भारत में रह सका और फर्जी दस्तावेज तैयार करने में किन लोगों ने उसकी मदद की. अधिकारियों का कहना है कि इस मामले से जुड़े नेटवर्क का जल्द खुलासा किया जाएगा और इसमें शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.