लखनऊ : उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 24 सितंबर को रायबरेली से PDA रथ यात्रा की शुरुआत की. इसी के साथ इस यात्रा को लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने तीखा बयान दिया है.
जानकारी के मुताबिक, मौलाना शहाबुद्दीन ने मुसलमानों से समाजवादी पार्टी की पीडीए यात्रा के कार्यक्रमों से दूरी बनाने की अपील की. उन्होंने अखिलेश यादव पर कांग्रेस को कमजोर करने की कोशिश का आरोप लगाया. उनका कहना था कि अगर अखिलेश को यात्रा निकालनी थी तो इसकी शुरुआत सैफई या मैनपुरी जैसे इलाकों से की जा सकती थी, लेकिन उन्होंने रायबरेली को चुना, जो लंबे समय से कांग्रेस की राजनीति से जुड़ा क्षेत्र रहा है. यह मौलाना का राजनीतिक आकलन और आरोप है, जिसे स्वतंत्र तथ्य के तौर पर नहीं माना जा सकता.
मौलाना ने अखिलेश यादव के रथ के रंग को लेकर भी निशाना साधा. जानकारी के अनुसार उन्होंने कहा कि भगवा रंग के रथ के जरिए बीजेपी के रंग को अपनाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने मुस्लिम समाज से इस यात्रा में शामिल नहीं होने की अपील की.
पीडीए को लेकर भी मौलाना ने सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि अगर इसमें मुस्लिम समाज की वास्तविक हिस्सेदारी होती तो इसका नाम पीडीएम होता. यह उनका राजनीतिक बयान है. वहीं, समाजवादी पार्टी लंबे समय से पीडीए को पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक सामाजिक गठजोड़ के रूप में इस्तेमाल करती रही है.
गौरतलब है कि मौलाना शहाबुद्दीन इससे पहले भी सपा और अखिलेश यादव की राजनीति पर सवाल उठा चुके हैं. जून में उन्होंने अखिलेश यादव को पत्र लिखकर 2027 चुनाव से पहले मुस्लिम मुख्यमंत्री चेहरे की घोषणा करने की मांग भी की थी.
इस बयान के बाद PDA रथ यात्रा को लेकर यूपी की सियासत में मुस्लिम प्रतिनिधित्व, सपा-कांग्रेस रिश्ते और 2027 के चुनावी समीकरणों पर बहस और तेज होने के संकेत हैं.