लखनऊ : ओम प्रकाश राजभर के बयान को लेकर यूपी की सियासत में एक बार फिर समाजवादी पार्टी और आजम खान का नाम चर्चा में है. 24 सितंबर को सामने आए बयान में राजभर ने सपा के पुराने दौर पर निशाना साधते हुए मंच पर नेताओं की बैठने और व्यवहार की व्यवस्था को लेकर तीखी टिप्पणी की.
राजभर ने कहा कि सपा सरकार के समय आजम खान का कुत्ता मंच पर बैठता था और बड़े-बड़े नेता उससे हाथ मिलाते थे. उन्होंने सवालिया अंदाज में कहा कि आखिर नेताओं को कुत्ते से हाथ मिलाने में इतनी खुशी क्यों होती थी. यह बयान राजभर ने सपा में पिछड़े और दलित नेताओं के सम्मान के मुद्दे पर हमला बोलते हुए दिया.
हालांकि, राजभर के इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि करने वाली कोई विश्वसनीय रिपोर्ट या आधिकारिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है. इसलिए इसे तथ्य के तौर पर नहीं, बल्कि राजभर के राजनीतिक दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए. राजभर ने अपने बयान में शिवपाल यादव का भी जिक्र किया. उन्होंने दावा किया कि पहले राजभर और निषाद जैसे नेताओं को छोटा कहा जाता था, लेकिन आज वे सांसद हैं.
इसके बावजूद सपा के कार्यक्रमों में कुछ नेताओं को मंच के बजाय नीचे बैठाए जाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने इसे सपा की राजनीति पर सवाल बताया. यह पहली बार नहीं है जब राजभर ने आजम खान और सपा नेतृत्व को लेकर ऐसा हमला बोला है. 22 सितंबर को भी उन्होंने कहा था कि सपा नेता आजम खान के कुत्ते से हाथ मिलाते थे और उनका काफी रुतबा था. उन्होंने आजम खान पर बाबा साहेब आंबेडकर को लेकर टिप्पणी करने का भी आरोप लगाया था.
दरअसल, यूपी में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सपा और भाजपा गठबंधन के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. राजभर लगातार अखिलेश यादव और सपा की रणनीति पर सवाल उठा रहे हैं. ऐसे में आजम खान के कुत्ते को लेकर उनका बयान भी इसी राजनीतिक टकराव का हिस्सा है.