नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर भारतीय जनता पार्टी ने जोरदार पलटवार किया है. भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी पर झूठे दावे करने और राजनीति की समझ न होने का आरोप लगाया. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, “राहुल गांधी ने एक बार फिर पीपीटी पेश की है, जो आमतौर पर अज्ञात और संदिग्ध स्रोत से आती है. उनकी बुद्धिमत्ता और योग्यता उनके पहले बयान से ही साफ हो जाती है.
मुझे लगता है कि राहुल गांधी, जिन्हें राजनीति की समझ और ज्ञान बिल्कुल नहीं है.” उन्होंने राहुल गांधी के एंटी-इंकम्बेंसी वाले तर्क का जवाब देते हुए कहा कि सत्ता-विरोधी लहर कांग्रेस के खिलाफ बहुत स्थिर और मजबूत रही है. कांग्रेस 1967 के बाद तमिलनाडु, 1990 के बाद बिहार, 1999 के बाद ओडिशा में सत्ता में नहीं आई. ममता बनर्जी और त्रिपुरा में कम्युनिस्ट पार्टी लंबे समय तक सत्ता में रहीं.
अखबार की रिपोर्ट को नकारा
त्रिवेदी ने इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट का हवाला देते हुए पूछा कि क्या रिपोर्ट में चुनाव आयोग का कोई बयान है? उन्होंने कहा कि फॉर्म-6 में कोई बदलाव नहीं किया गया. माता-पिता के नाम जोड़ने वाले दावे को मूर्खतापूर्ण बताया. उन्होंने विपक्ष को चुनौती दी कि बताएं कितने राज्यों में विपक्ष के नेता या मुख्य न्यायाधीश चुनाव आयुक्त चयन प्रक्रिया में शामिल होते हैं.
राहुल गांधी के आरोप
इससे पहले राहुल गांधी ने चुनाव आयोग और सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग की थी. उन्होंने दावा किया कि 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों में धांधली हुई है तथा “वोट चोरी से कानून चोरी” हो रही है. भाजपा ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए खारिज किया है. दोनों पक्षों के बीच चुनावी प्रक्रिया और आयोग की निष्पक्षता को लेकर तीखी बहस जारी है.