लखनऊ : रायबरेली हो या अमेठी, लंबे समय से ये इलाके गांधी परिवार की राजनीति से जुड़े रहे हैं, लेकिन अब 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले रायबरेली में एक अलग सियासी तस्वीर दिखाई दी. समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने गुरुवार को रायबरेली से PDA रथ यात्रा का आगाज किया. उनके स्वागत में बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता सड़क पर जुटे और लाल टोपियों से पूरा माहौल समाजवादी रंग में नजर आया.
अखिलेश यादव का रायबरेली से रथ निकालना इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह राहुल गांधी का लोकसभा क्षेत्र है. ऐसे समय में जब 2027 के चुनाव को लेकर सपा और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे की तस्वीर अभी पूरी तरह साफ नहीं है, रायबरेली से यात्रा शुरू करने को राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है.
सपा की राजनीति में PDA का अर्थ पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक है. अखिलेश यादव ने इस अभियान में एक और राजनीतिक परिभाषा को आगे बढ़ाया है कि जो पीड़ित, वो PDA. रथ पर भी यह संदेश प्रमुखता से दिखाई दिया.
यात्रा के दौरान जुटी भीड़ ने सपा के संगठन और कार्यकर्ताओं के उत्साह को जरूर सामने रखा. हालांकि किसी रैली की भीड़ को सीधे चुनावी समर्थन या सीटों के नतीजे का संकेत मानना उचित नहीं होगा. इसी बीच कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी अखिलेश की रायबरेली यात्रा पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि अगर राहुल गांधी का हाथ अखिलेश यादव के हाथ में है तो चिंता की कोई वजह नहीं है.
यानी रायबरेली से शुरू हुई यह यात्रा सिर्फ रथ का सफर नहीं, बल्कि 2027 से पहले सपा की PDA रणनीति और कांग्रेस के साथ उसके रिश्तों के बीच चल रही सियासी हलचल का भी अहम हिस्सा बन गई है.