नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे प्रदर्शन में एक महिला पत्रकार के साथ दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी द्वारा कथित तौर पर अश्लील हरकत और छेड़छाड़ का गंभीर आरोप लगा है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सीजेपी और एआईएसए ने इस मामले को उठाया है और एफआईआर दर्ज करने की मांग की है.
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शनिवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगा. उन्होंने लिखा कि एक महिला पत्रकार ने जंतर मंतर पर पुलिस अधिकारी पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है. घंटों से सैकड़ों पत्रकार वहीं बैठे हैं और सिर्फ एक मांग कर रहे हैं कि एफआईआर दर्ज की जाए. क्या यह पुलिस का बुनियादी कर्तव्य नहीं है? उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया गया, महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार के आरोप हैं, कैमरे छीने गए और पत्रकारों को घसीटा गया.
राहुल गांधी ने कहा, “दिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय के अधीन आती है. अमित शाह जी, आप कहां हैं? आपको इसका जवाब देना होगा.” सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने एसीपी विवेक भगत पर महिला पत्रकार के साथ गलत व्यवहार और अनुचित छूने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस एसीपी भगत को क्यों बचा रही है? एफआईआर और निलंबन के साथ तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए.
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने भी आरोप लगाया कि महिला पत्रकार ने शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने मना कर दिया. छात्र संगठन एआईएसए ने भी आरोप लगाया कि महिला प्रदर्शनकारियों, पत्रकारों और वकीलों के साथ पुरुष पुलिसकर्मियों ने दुर्व्यवहार किया.
कई महिलाओं ने पुरुष पुलिसकर्मियों द्वारा छेड़छाड़ की शिकायत की है. यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हो रहा था. विपक्ष ने उन पर एसआईआर और वोट डिलीट कर भाजपा को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया था. इस मामले में दिल्ली पुलिस की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.