लखनऊ : उत्तर प्रदेश में छात्रवृत्ति के मुद्दे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला है. शनिवार को लोकभवन में छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने आरोप लगाया कि वर्ष 2016-17 में अनुसूचित जाति-जनजाति के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति भेजी ही नहीं गई और तत्कालीन सरकार ने छात्रों के हक का पैसा रोक दिया. उन्होंने कहा कि 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद 2016-17 और 2017-18 की छात्रवृत्ति एक साथ भेजी गई.
मुख्यमंत्री के मुताबिक, पहले प्रदेश में करीब 2,900 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति दी जाती थी, जबकि मौजूदा समय में यह राशि बढ़कर करीब 6,200 करोड़ रुपये हो गई है. शनिवार को चालू वित्त वर्ष के लिए पूर्वदशम यानी कक्षा 9-10 और दशमोत्तर कक्षाओं के 4.60 लाख से अधिक विद्यार्थियों के खातों में 148 करोड़ रुपये से ज्यादा की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति हस्तांतरित की गई. कार्यक्रम में सीएम ने 11 विद्यार्थियों को अपने हाथों से छात्रवृत्ति प्रमाणपत्र भी दिए.
योगी ने कहा कि पहले छात्रवृत्ति पाने के लिए विद्यार्थियों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे. उन्होंने आरोप लगाया कि उस व्यवस्था में बिचौलियों और कर्मचारियों की वजह से छात्रों को परेशानी होती थी. अब डीबीटी के जरिए पैसा सीधे विद्यार्थियों के बैंक खातों में भेजा जा रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि टेक्नोलॉजी आधारित व्यवस्था से छात्रवृत्ति में होने वाली सेंधमारी को रोका गया है.
सीएम ने दावा किया कि पिछले वर्ष करीब 69 लाख विद्यार्थियों को 6,200 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति वितरित की गई. उनके मुताबिक नौ वर्षों में चार करोड़ से अधिक विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ मिला है. पिछले वर्ष एससी-एसटी वर्ग के 26.26 लाख विद्यार्थियों को 2,750 करोड़, अल्पसंख्यक वर्ग के 5.89 लाख विद्यार्थियों को 360 करोड़ और पिछड़ा वर्ग के 37 लाख विद्यार्थियों को 3,072 करोड़ रुपये दिए गए. अल्प आय वर्ग के 9.40 लाख बच्चों को भी छात्रवृत्ति दी गई.
योगी ने कहा कि छात्रवृत्ति के लिए वितरण की समयसीमा तय की गई है. प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद राशि भेजी जाएगी और 2 अक्टूबर तथा 26 जनवरी तक भुगतान सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कोई पात्र विद्यार्थी छूटना नहीं चाहिए. पिछले वर्ष विभिन्न कारणों से एससी-एसटी वर्ग के करीब चार लाख विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित रह गए थे. पोर्टल में सुधार के बाद अब उन्हें भी लाभ देने की प्रक्रिया शुरू की गई है.
मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि अगले महीने 50 हजार मेधावी छात्राओं को स्कूटी दी जाएगी. उन्होंने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, सामूहिक विवाह योजना और मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग का भी जिक्र किया. योगी ने विद्यार्थियों से छात्रवृत्ति की राशि का इस्तेमाल किताबों और पढ़ाई से जुड़ी जरूरतों पर करने की अपील की.
उन्होंने कहा कि अच्छी पाठ्य पुस्तकें, रेफरेंस बुक और महापुरुषों की आत्मकथाएं पढ़ें और अपना बुक बैंक तैयार करें. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार दो करोड़ युवाओं को टैबलेट देने की दिशा में काम कर रही है, जिनमें 60 लाख को टैबलेट दिए जा चुके हैं. सीएम ने कहा कि सरकार अब तक करीब 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दे चुकी है और अगले छह महीने में एक लाख और युवाओं को नौकरी देने का लक्ष्य है.
उन्होंने मंच पर मौजूद मंत्रियों के संघर्ष का उदाहरण देते हुए छात्रों से कहा कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं है और ईमानदारी से प्रयास किया जाए तो परिणाम भी अनुकूल आएगा. मुख्यमंत्री ने शिक्षा व्यवस्था में बदलाव का जिक्र करते हुए ऑपरेशन कायाकल्प, अटल आवासीय विद्यालय, कस्तूरबा गांधी विद्यालय और पीएमश्री विद्यालयों की सुविधाओं को भी गिनाया. उन्होंने कहा कि 2017 से पहले स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी थी, जबकि अब प्रदेश शिक्षा और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है.
योगी ने विद्यार्थियों को 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य से जोड़ते हुए कहा कि देश की खुशहाली और सुरक्षा में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी.
स्रोत के अनुसार कार्यक्रम 3 अक्टूबर 2026 को लखनऊ के लोकभवन में हुआ और छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि डीबीटी के जरिए विद्यार्थियों के खातों में भेजी गई.