लखनऊ : उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल के बीच कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के गठबंधन को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है. कांग्रेस की ओर से इमरान मसूद को प्रदेश कांग्रेस कमेटी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने के बाद राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) ने सपा-कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर तंज कसा है. रालोद प्रवक्ता रोहित अग्रवाल ने दावा किया कि दोनों दलों के बीच गठबंधन को लेकर तनाव बढ़ रहा है.
रोहित अग्रवाल ने दावा किया कि कांग्रेस उत्तर प्रदेश में 150 से कम सीटों पर समझौता करने के लिए तैयार नहीं है. हालांकि, यह उनका राजनीतिक दावा है और कांग्रेस की ओर से इस आंकड़े पर कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने राजनीतिक सम्मान और हिस्सेदारी को लेकर समझौता नहीं करना चाहती.
इमरान मसूद की नियुक्ति और उनके हालिया बयानों को लेकर भी रालोद प्रवक्ता ने सवाल खड़े किए. रोहित अग्रवाल ने पूछा कि इमरान मसूद किसके इशारे पर बयान दे रहे थे. उन्होंने दावा किया कि सपा के भीतर भी कांग्रेस के साथ गठबंधन और सीट शेयरिंग को लेकर^ कार्यकर्ताओं के बीच असंतोष है.
उनके मुताबिक, समाजवादी पार्टी के कुछ कार्यकर्ता यह सवाल उठा रहे हैं कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को कितनी सीटें दी जानी चाहिए और गठबंधन से पार्टी को कितना राजनीतिक फायदा होगा. रोहित अग्रवाल ने सपा की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी के सामने ‘एक तरफ कुआं और दूसरी तरफ खाई’ जैसी स्थिति है. उन्होंने सवाल उठाया कि पहले समाजवादी पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ता है या फिर सपा-कांग्रेस गठबंधन में दरार सामने आती है.
रालोद प्रवक्ता ने दावा किया कि 2027 के चुनाव को लेकर दोनों दलों के बीच सीटों और राजनीतिक हिस्सेदारी को लेकर खींचतान बढ़ सकती है. उन्होंने आरोप लगाया कि गठबंधन में सत्ता और सीटों को लेकर प्राथमिकता का सवाल प्रमुख बना हुआ है. हालांकि, गठबंधन के भविष्य और सीट बंटवारे को लेकर अभी दोनों दलों की ओर से अंतिम फार्मूला सामने नहीं आया है.