नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी ने रविवार को कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए यूपी कांग्रेस की नई नियुक्तियों और भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के मामले में गांधी परिवार की “चुप्पी” को निशाने पर लिया. बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने संवाददाताओं से कहा कि महात्मा गांधी की जयंती पर कांग्रेस ने इमरान मसूद को उत्तर प्रदेश इकाई का वर्किंग प्रेसिडेंट नियुक्त किया है, जो पहले “मोदी को टुकड़े-टुकड़े कर देंगे” जैसा विवादास्पद बयान दे चुके हैं.
उन्होंने आरोप लगाया कि नई यूपी कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा (मोना) ने कभी पार्टी कार्यकर्ताओं को भारत माता की जय का नारा लगाने से रोका था और कांग्रेस जिंदाबाद बुलाने को कहा था. त्रिवेदी ने कहा कि यह दिखाता है कि महात्मा गांधी और आज के गांधियों के बीच कितना बड़ा फासला हो गया है.
यूपी कांग्रेस में बड़ा फेरबदल
शुक्रवार को कांग्रेस ने अजय राय की जगह आराधना मिश्रा-मोना को यूपी इकाई का अध्यक्ष और सांसद इमरान मसूद को वर्किंग प्रेसिडेंट नियुक्त किया था. मोना राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी की बेटी हैं. पार्टी ने चौधरी वीरेंद्र सिंह को विधायक दल का नेता भी बनाया. सुधांशु त्रिवेदी ने गांधी परिवार पर यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई फ्लाइट को बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के साहस पर एक शब्द भी नहीं कहा. मच्छार ने कथित रूप से अपने ओमानी को-पायलट के विमान गिराने के प्रयास को विफल किया था, जिसमें उन्हें चाकू के घाव भी आए थे.
त्रिवेदी ने कहा कि बाटला हाउस एनकाउंटर के आरोपियों के लिए आंसू बहाने वाली सोनिया गांधी कैप्टन स्मित के लिए कोई संवेदना नहीं दिखा सकीं. फिलिस्तीन का झंडा वाली बैग लेकर चलने वाली प्रियंका गांधी ने सहानुभूति का एक रुमाल भी नहीं निकाला.
राहुल गांधी वोट बैंक के डर से मच्छार के वीरता भरे कृत्य की तारीफ तक नहीं कर सके. उन्होंने इसे आतंकवाद के प्रति चुपचाप समर्थन” करार देते हुए कहा कि देश को कांग्रेस नेतृत्व के इस रवैये को गंभीरता से लेना चाहिए और कांग्रेस से जवाब मांगा. बीजेपी ने यूपी नियुक्तियों और स्मित मच्छार मामले को जोड़कर कांग्रेस पर राजनीतिक प्राथमिकताओं का सवाल खड़ा किया है.