नई दिल्ली : केरल में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. राज्य के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने साल 2006 से जुड़े एक पुराने मामले की फाइल दोबारा खुलवाते हुए मामले में विजिलेंस जांच के आदेश दिए हैं. यह मामला तिरुवनंतपुरम में विश्व बैंक की आर्थिक मदद से बने एक सड़क प्रोजेक्ट से जुड़ा बताया जा रहा है.
जानकारी के मुताबिक, साल 2006 में तिरुवनंतपुरम में करीब 215 करोड़ रुपये की लागत से सड़क निर्माण परियोजना शुरू हुई थी. इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए धन विश्व बैंक की ओर से उपलब्ध कराया गया था. उस समय ज्ञानेश कुमार केरल लोक निर्माण विभाग यानी पीडब्ल्यूडी में सचिव के पद पर तैनात थे.
इसी प्रोजेक्ट के दौरान एक मलेशियाई सिविल इंजीनियर ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी. आरोप है कि इंजीनियर के सुसाइड नोट में ज्ञानेश कुमार का नाम भी दर्ज था. घटना के बाद इस मामले को लेकर एंटी करप्शन ब्यूरो ने जांच शुरू की थी, लेकिन यह जांच पूरी नहीं हो सकी.
अब करीब दो दशक बाद केरल सरकार ने इस पुराने मामले की फाइल फिर से निकलवाई है. गृह मंत्री रमेश चेन्निथला के निर्देश पर मामले से जुड़े दस्तावेजों की दोबारा जांच कराई जा रही है और विजिलेंस को जांच आगे बढ़ाने का आदेश दिया गया है
इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं. हालांकि, जांच दोबारा शुरू होने का मतलब आरोप साबित होना नहीं है. अब निगरानी एजेंसी पुराने रिकॉर्ड, परियोजना से जुड़े फैसलों और पूर्व जांच के पहलुओं की पड़ताल करेगी. जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति साफ हो सकेगी.