नई दिल्ली : अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर गंभीर सैन्य टकराव की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने मंगलवार को पुष्टि की कि अमेरिकी सेना ने ईरान में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के ठिकानों पर नए हमले शुरू किए हैं. CENTCOM के मुताबिक, ये हमले दोपहर 12 बजे ET से शुरू किए गए.
अमेरिकी सेना ने अपने बयान में कहा कि कार्रवाई हाल में IRGC की ओर से होर्मुज जलडमरूमध्य में कमर्शियल शिपिंग को निशाना बनाने की कोशिशों और क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों पर कथित हमले के प्रयासों के बाद की गई है. अमेरिका का कहना है कि उसका उद्देश्य क्षेत्र में मौजूद तत्काल खतरों को खत्म करना और समुद्री व्यापार की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में शामिल है. यहां किसी भी तरह का सैन्य तनाव बढ़ने से तेल और अन्य जरूरी वस्तुओं की वैश्विक आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका रहती है. हाल के घटनाक्रम के बाद इस इलाके में जहाजों की आवाजाही और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है.
CENTCOM ने इससे पहले भी कहा था कि अमेरिकी कार्रवाई का मकसद ईरानी खतरों को सीमित करना है. अमेरिकी सेना के अनुसार, ईरानी बलों की ओर से समुद्री मार्ग में माइन बिछाने जैसी गतिविधियां भी चिंता का विषय रही हैं.
अमेरिका-ईरान तनाव और बढ़ने की आशंका है। रिपोर्टों के मुताबिक, इससे पहले ईरान की ओर से क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों के खिलाफ मिसाइल कार्रवाई भी की गई थी, जिसे अमेरिकी और सहयोगी रक्षा प्रणालियों ने रोकने का दावा किया.
फिलहाल ताजा अमेरिकी हमलों का पूरा दायरा और नुकसान स्पष्ट नहीं है. हालांकि, CENTCOM के बयान ने साफ कर दिया है कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई फिर शुरू कर दी है और होर्मुज क्षेत्र में बढ़ता तनाव अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता का बड़ा विषय बन गया है.