नई दिल्ली: अमेरिका के ट्रंप प्रशासन ने ईरान को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने के लिए बड़ा कदम उठाया है. अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने ‘ऑपरेशन इकॉनमिक आउटकास्ट’ की घोषणा की है. इसके तहत भारत स्थित 4 कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिए गए हैं. ये कंपनियां ईरान से पेट्रोलियम और पेट्रोरसायन उत्पादों के आयात में शामिल पाई गईं.
अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, प्रतिबंधित कंपनियों में शामिल हैं, पोर्टईज पार्टनर्स एलएलपी (सीमा-शुल्क ब्रोकर) और उसके साझेदार इंदरीसमिया अशरफमिया शेख व हरीश रामचंद्र रंगी, सदाशिव ओवरसीज लिमिटेड (करीब 6.9 करोड़ डॉलर का आयात), पीपी सॉफ्टटेक प्राइवेट लिमिटेड (निदेशक प्रशांत गर्ग, 2.5 करोड़ डॉलर) और प्रकृतिस इन्फ्रा इम्पेक्स प्राइवेट लिमिटेड (2.5 करोड़ डॉलर)
अमेरिका का आरोप है कि इन कंपनियों ने जानबूझकर ईरानी पेट्रोलियम उत्पादों की खरीद-बिक्री, परिवहन और विपणन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. अमेरिका ने अन्य देशों से भी ईरान के साथ आर्थिक संबंध समाप्त करने को कहा है, वरना कार्रवाई की चेतावनी दी है. यह कदम ईरान पर दबाव बढ़ाने की दिशा में उठाया गया है.