कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में दरारें साफ नजर आने लगी हैं. पार्टी के वरिष्ठ राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने ममता बनर्जी के नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए पोस्ट किया है, जिससे पार्टी में असंतोष की आंच और तेज हो गई है.
सुखेंदु शेखर रॉय ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि मई के मध्य से पहले ही बंगाल की जनता ने "असहनीय अराजकता" का अंत कर दिया. उन्होंने रोमन सम्राट जूलियस सीजर की हत्या का उदाहरण देते हुए कहा कि मार्च के मध्य (Ides of March) की तरह मई के मध्य से पहले ही लोगों ने बदलाव कर दिया.
पार्टी में बढ़ती बेचैनी
कौन हैं सुखेंदु शेखर रॉय?
कांग्रेस की पृष्ठभूमि से आने वाले सुखेंदु शेखर रॉय पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के करीबी माने जाते हैं. वे टीएमसी में शामिल होने के बाद संसद में पार्टी के प्रमुख चेहरों में शुमार रहे हैं. संवैधानिक मामलों पर उनकी मजबूत पकड़ है. उन्होंने हाल ही में पार्टी के भ्रष्टाचार, आरजी कर मामले में जनभावना न समझ पाने और संगठनात्मक कमजोरियों पर भी निजी तौर पर चिंता जताई थी.
उनके करीबी सूत्रों का कहना है कि 2024 में 29 लोकसभा सीटें जीतने वाली पार्टी का इतनी तेजी से पतन उन्हें हैरान कर रहा है. यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया मोड़ ला सकता है. ममता बनर्जी की अगुवाई वाली टीएमसी में टूट की आशंका अब और मजबूत हो गई है, जबकि बीजेपी इस मौके का फायदा उठाने की तैयारी में दिख रही है.