नई दिल्ली: भारतीय सेना और नौसेना के शीर्ष नेतृत्व साउथ ब्लॉक से बाहर जाने की तैयारी में हैं. यह बदलाव दशकों पुरानी व्यवस्था का अंत करेगा, जिसके तहत दोनों सेवा प्रमुख और उनके वरिष्ठ अधिकारी इस प्रतिष्ठित सरकारी भवन से काम करते थे.
सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ, उप सेना प्रमुख और सात प्रधान स्टाफ अधिकारी (PSO) नवंबर के अंत तक दिल्ली कैंटोनमेंट में नवनिर्मित शौर्य भवन में शिफ्ट होने की उम्मीद है. नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन, उप नौसेना प्रमुख और प्रधान स्टाफ अधिकारी भी साउथ ब्लॉक से बाहर जाएंगे. नौसेना का नया मुख्यालय सेना भवन में होने की संभावना है.
इस स्थानांतरण में सेना का वॉर रूम और सैन्य संचालन महानिदेशक (DGMO) का कार्यालय भी शामिल है. नौसेना के वॉर रूम का भविष्य स्थान अभी स्पष्ट नहीं है, क्योंकि इसमें व्यापक इंफ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षित संचार और उन्नत तकनीक की जरूरत है. नौसेना पहले ही 2024 में दिल्ली कैंटोनमेंट में नौसेना भवन में शिफ्ट हो चुकी है.
रक्षा मंत्रालय अस्थायी रूप से कर्तव्य भवन II में स्थानांतरित हो चुका है. फिलहाल केवल चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) का कार्यालय वहीं है. सेना प्रमुख को रक्षा मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों से मिलने के लिए कर्तव्य भवन II जाना पड़ेगा.
भविष्य में रक्षा मंत्रालय कर्तव्य भवन 6 और 7 में स्थायी रूप से शिफ्ट होगा. सैन्य मामलों के विभाग (DMA) के अधिकारी और रक्षा खुफिया एजेंसी के महानिदेशक (DG DIA) का कार्यालय भी साउथ ब्लॉक से बाहर जाएगा. यह स्थानांतरण सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना का हिस्सा है. अप्रैल में रक्षा मंत्री और उनके सचिवालय के स्थानांतरण के साथ इसका पहला चरण शुरू हुआ था.