प्रदर्शन स्थल पर अनिश्चितकाल तक कब्जा नहीं किया जा सकता, व्यापारियों के नुकसान पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी

Amanat Ansari 03 Nov 2026 03:06 PM 1 Mins
प्रदर्शन स्थल पर अनिश्चितकाल तक कब्जा नहीं किया जा सकता, व्यापारियों के नुकसान पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि किसी भी प्रदर्शन स्थल पर अनिश्चितकाल तक कब्जा नहीं किया जा सकता. मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली में चल रहे प्रदर्शनों से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की. कोर्ट ने प्रदर्शन के अधिकार को आजीविका के अधिकार के साथ संतुलित करने की जरूरत पर जोर दिया.

पीठ (सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी मोहना) ने कहा कि आप हर समय उस जगह पर कब्जा करके नहीं रख सकते. किसान, पत्रकार कहां जाएंगे? सभी को विरोध करने का अधिकार है. एक तय समय के लिए, एक तय अवधि दी जानी चाहिए. कोर्ट ने कहा कि प्रदर्शन की अनुमति देने वाले आदेश में शर्तें और अवधि स्पष्ट रूप से तय होनी चाहिए. कोई समूह यह नहीं कह सकता कि मैं प्रदर्शन कर रहा हूं, आप नहीं कर सकते.

कोर्ट ने व्यापारियों के संगठनों की याचिका पर केंद्र सरकार, दिल्ली पुलिस और अन्य प्राधिकरणों से जवाब मांगा. व्यापारियों का आरोप है कि प्रदर्शनों के कारण दुकानें बंद रहीं और करोड़ों का नुकसान हुआ. चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) का दावा है कि 1 नवंबर को इंडिया ब्लॉक की रामलीला मैदान रैली से दिल्ली के व्यापार को करीब 11,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ. लगभग 2.5 लाख दुकानें बंद रहीं.

व्यापारियों ने पिछले महीने में कुल 14,000 करोड़ रुपए का नुकसान बताया है. कोर्ट ने व्यापारियों से कहा कि वे एंटी-सीईसी प्रदर्शन के आयोजकों को भी पक्षकार बनाएं. साथ ही, महिला पत्रकारों पर कथित हमले के मामले को अलग से 23 नवंबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया.

सीनियर एडवोकेट इंदिरा जयसिंह ने महिला न्यायाधीश की अध्यक्षता में विशेष जांच टीम (SIT) बनाने की मांग की. 12 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल से हटा दिया था. अब रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और सीबीडी ग्राउंड वैकल्पिक स्थल हैं.

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