H-1B वीजा और भारतीय पेशेवरों पर पड़ सकता है प्रभाव
तेल की कीमतें घटने की उम्मीद, भारत को मिल सकेगी राहत
वॉशिंगटन/नई दिल्ली: अमेरिका में हुए मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी ने कांग्रेस के दोनों सदनों पर नियंत्रण हासिल कर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका दिया है. इस नतीजे को ट्रंप के खिलाफ सीधा जनादेश माना जा रहा है. भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव व्यापार, H-1B वीजा, तेल की कीमतों और रक्षा सहयोग के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
चुनाव के प्रमुख नतीजे
डेमोक्रेट्स ने हाउस और सीनेट दोनों पर बढ़त बना ली है. रिपब्लिकन पार्टी ने टेक्सास जैसे राज्यों में भी सीटें खोई हैं, जहां दशकों से उनकी मजबूत पकड़ थी. जीवन के बढ़ते खर्च, टैरिफ और ईरान के खिलाफ अमेरिकी युद्ध के कारण ईंधन की कीमतें बढ़ने से मतदाताओं में असंतोष बढ़ा. ट्रंप की लोकप्रियता रेटिंग भी अपने निचले स्तर के करीब पहुंच गई है.
कांग्रेस पर डेमोक्रेट्स का नियंत्रण होने से उन्हें कानून बनाने, जांच करने और फंडिंग के मामलों में ज्यादा शक्ति मिल गई है. हालांकि, अमेरिकी विदेश नीति पर कांग्रेस का सीधा नियंत्रण नहीं होगा, क्योंकि राष्ट्रपति के पास वीटो समेत व्यापक कार्यकारी शक्तियां बनी रहेंगी.
विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का कहना है कि डेमोक्रेटिक कांग्रेस ट्रंप पर अंकुश लगा सकती है, लेकिन तुरंत कोई बड़ा नीतिगत बदलाव नहीं होगा. भारत को अब सिर्फ ट्रंप प्रशासन से नहीं, बल्कि डेमोक्रेटिक नियंत्रित कांग्रेस से भी बातचीत करनी पड़ सकती है. दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग पर भी नजर रहेगी. कुल मिलाकर, यह चुनाव भारत-अमेरिका संबंधों में कुछ अवसर और कुछ अनिश्चितता दोनों पैदा कर सकता है. नई दिल्ली को सावधानी से स्थिति का आकलन करना होगा.