लखनऊ: 69000 सहायक शिक्षक भर्ती मामले को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है. मंगलवार 19 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की 31वीं सुनवाई होनी है. इसको लेकर सोमवार को सैकड़ों अभ्यर्थी भीषण गर्मी में सड़क पर रेंगते हुए बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास पहुंचे.
अभ्यर्थियों ने मंत्री आवास के सामने प्रदर्शन करते हुए आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट में मामले की उचित पैरवी नहीं करा रही है. उनका कहना है कि सरकार को अपना वरिष्ठ वकील भेजकर मजबूती से पक्ष रखना चाहिए, ताकि लंबे समय से अटकी भर्ती का रास्ता साफ हो सके.
2018 से चल रहा है संघर्ष
ये अभ्यर्थी साल 2018 की भर्ती प्रक्रिया के चयनित हैं, लेकिन अभी तक उन्हें नियुक्ति पत्र नहीं मिल पाया है. OBC और SC वर्ग के अभ्यर्थी भी बड़ी संख्या में इस प्रदर्शन में शामिल रहे. उन्होंने गौतमपल्ली स्थित मंत्री आवास तक जमीन पर रेंगकर और दंडवत करते हुए पहुंचकर अपनी मांग रखी. अभ्यर्थियों का आरोप है कि सुप्रीम कोर्ट की पिछली सुनवाइयों में भी सरकार की तरफ से ढीली पैरवी हुई और मुख्य वकील समय पर उपस्थित नहीं हुए, जिससे मामला लटकता जा रहा है.
सुप्रीम कोर्ट में क्या है स्थिति?
सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले पर रोक लगा रखी है जिसमें पूरी चयन सूची रद्द कर नई मेरिट लिस्ट बनाने का आदेश दिया गया था. फरवरी 2026 में हुई पिछली सुनवाई में कोर्ट ने एक मध्य मार्ग सुझाया था. कोर्ट ने पूछा था कि क्या पहले से नियुक्त शिक्षकों को हटाए बिना आरक्षित वर्ग के करीब 6800 अतिरिक्त अभ्यर्थियों को अन्य जगह समायोजित किया जा सकता है.
19 मई की सुनवाई पर हजारों अभ्यर्थियों और पहले से नियुक्त शिक्षकों का भविष्य निर्भर कर रहा है. अभ्यर्थी चाहते हैं कि सरकार कोर्ट में सक्रिय भूमिका निभाए ताकि जल्द से जल्द नियुक्ति प्रक्रिया पूरी हो सके. यह अनोखा प्रदर्शन अभ्यर्थियों की हताशा और लंबे इंतजार को दर्शाता है, जो 2018 से लगातार अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतर रहे हैं.