नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नॉर्वे यात्रा के दौरान एक बड़े विवाद ने तूल पकड़ लिया है. नॉर्वे के प्रमुख अखबार 'आफ्टेनपोस्टेन' (Aftenposten) ने पीएम मोदी को बीन बजाते सपेरे के रूप में दिखाते हुए एक कार्टून प्रकाशित किया है, जिसमें सांप की जगह पेट्रोल पंप का हैंडल और पाइप दिखाया गया है.
यह कार्टून 16 मई को एक ओपिनियन लेख के साथ छपा था, जिसकी हेडलाइन थी- ‘एक चतुर लेकिन परेशान करने वाला व्यक्ति’. कार्टून में भारत की रूसी तेल खरीद पर टिप्पणी की गई है. सोशल मीडिया पर इस कार्टून के वायरल होने के बाद इसे नस्लवादी और औपनिवेशिक मानसिकता का प्रतीक बताते हुए भारी आलोचना हो रही है.
कई लोगों ने कहा कि पश्चिमी मीडिया पुरानी और हानिकारक स्टिरियोटाइप (सपेरे वाली छवि) का इस्तेमाल कर भारत की छवि खराब करने की कोशिश कर रहा है. यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पीएम मोदी की नॉर्वे यात्रा के दौरान एक नॉर्वेजियन पत्रकार हेले लिंग के साथ प्रेस फ्रीडम को लेकर विवाद पहले ही हो चुका है.
पश्चिमी मीडिया में भारत को लेकर बार-बार ऐसी नस्लवादी छवि पेश किए जाने की आलोचना हो रही है. पीएम मोदी ने 2014 में अमेरिका यात्रा के दौरान खुद इस स्टिरियोटाइप को तोड़ने की बात कही थी. मामला सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा में है और भारत में इसे गंभीरता से लिया जा रहा है.