Prateek Yadav ashes immersed in Ganges: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के छोटे पुत्र प्रतीक यादव की अस्थियों का शनिवार को हरिद्वार के VIP घाट पर गंगा में विसर्जन कर दिया गया. पूरे सनातन परंपरा के अनुसार वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यह अंतिम विदाई पूरी हुई.
प्रतीक यादव का 13 मई को लखनऊ में कार्डियो-रेस्पिरेटरी कोलैप्स के कारण अचानक निधन हो गया था. महज 38 वर्ष की उम्र में उनका जाना परिवार और राजनीतिक हलकों के लिए बहुत बड़ा सदमा रहा. शनिवार सुबह प्रतीक की पत्नी भाजपा नेता अपर्णा यादव, उनकी दोनों बेटियां प्रथमा व पद्मजा तथा अन्य परिजनों ने हवाई मार्ग से देहरादून के जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचकर सीधे हरिद्वार के VIP घाट पर पहुंचे. यहां तीर्थ पुरोहित पंडित शैलेश मोहन पांडेय की देखरेख में अस्थि विसर्जन की रस्म निभाई गई.
बाबा रामदेव ने दिया सांत्वना
इस भावुक मौके पर योगगुरु बाबा रामदेव भी विशेष रूप से मौजूद रहे. उन्होंने अपर्णा यादव और दोनों नाबालिग बेटियों को ढांढस बंधाया और परिवार के साथ मिलकर अस्थियों का विसर्जन किया. बाबा रामदेव ने ईश्वर से शोक संतप्त परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति मांगी. मुलायम सिंह यादव के पुराने समर्थक और कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में श्रद्धांजलि देने घाट पर पहुंचे.
राजनीति से दूर रहे प्रतीक
प्रतीक यादव सक्रिय राजनीति से हमेशा दूर रहे. इंग्लैंड की लीड्स यूनिवर्सिटी से एमबीए करने के बाद वे लखनऊ में रियल एस्टेट और फिटनेस से जुड़े व्यवसाय संभाल रहे थे. फिटनेस के प्रति उनका गहरा लगाव था. उनके असामयिक निधन पर उत्तर प्रदेश भर में शोक की लहर दौड़ गई है.
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