लखनऊ : उत्तर प्रदेश में बुधवार शाम आए भीषण आंधी-तूफान, बारिश और आकाशीय बिजली ने पूरे प्रदेश में भारी तबाही मचा दी. तेज हवाओं और खराब मौसम के कारण राज्य के कई जिलों में जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ. इस प्राकृतिक आपदा में करीब 65 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं. सबसे ज्यादा असर प्रयागराज में देखने को मिला, जहां 17 लोगों ने जान गंवाई. भदोही में 12, मिर्जापुर में लगभग 10, फतेहपुर में 7, उन्नाव में 6, बरेली में 4, सीतापुर और प्रतापगढ़ में 3-3 लोगों की मौत दर्ज की गई. इसके अलावा कानपुर देहात, हरदोई और संभल में भी 2-2 लोगों की जान चली गई.
आंधी इतनी तेज थी कि कई स्थानों पर पेड़ उखड़कर सड़कों और रेलवे ट्रैक पर गिर पड़े. उन्नाव में लखनऊ-कानपुर रेल मार्ग पर पेड़ गिरने से शताब्दी एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों का संचालन बाधित हो गया, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी. प्रदेश के कई हिस्सों में बिजली के खंभे, साइन बोर्ड और टीन शेड उड़ गए. गंगा एक्सप्रेसवे को भी नुकसान पहुंचा है, जबकि कई इलाकों में सोलर प्लेटें तेज हवा में उड़ गईं.
भदोही में तूफान का असर सबसे भयावह रहा, जहां अलग-अलग स्थानों पर 12 लोगों की मौत हुई. कई घरों और दुकानों को नुकसान पहुंचा. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने पहले ही तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की थी, लेकिन तूफान की तीव्रता ने व्यापक विनाश किया.
प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है. प्रभावित जिलों में बिजली बहाल करने, सड़कें साफ कराने और घायलों को उपचार उपलब्ध कराने के प्रयास जारी हैं. इस त्रासदी ने एक बार फिर प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सतर्कता और मजबूत तैयारी की जरूरत को उजागर किया है.