2000 रुपए का किराया चुकाने के लिए मकान मालिक को पत्नी और बेटी का रेप करने दिया

Amanat Ansari 16 May 2026 09:42: PM 1 Mins
2000 रुपए का किराया चुकाने के लिए मकान मालिक को पत्नी और बेटी का रेप करने दिया

Heinous Crime in Gujarat: मोरबी जिले में किराए के बकाए को लेकर यौन शोषण का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें एक मजदूर ने कथित तौर पर अपने मकान मालिक को अपनी पत्नी और नाबालिग बेटी का यौन शोषण करने की इजाजत दे दी, ताकि घर का किराया माफ हो जाए. पुलिस ने यह जानकारी दी. मोरबी ए-डिवीजन पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है, जिसमें पीड़िता का पति और मकान मालिक भी शामिल हैं. दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि तीसरे सहयोगी की तलाश जारी है.

पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह परिवार काम की तलाश में करीब छह महीने पहले मोरबी आया था और ₹2000 मासिक किराए पर एक छोटा घर लिया था. आर्थिक तंगी और अनियमित रोजगार के कारण पति समय पर किराया नहीं दे पाया, जिससे बकाया बढ़ता गया. परिवार की बेहद खराब आर्थिक स्थिति का फायदा उठाते हुए मकान मालिक ने किराया माफ करने के बदले किराएदार की पत्नी से शारीरिक संबंध बनाने की पेशकश की.

पैसे न होने के कारण पति ने इस जबरदस्ती पर सहमति दे दी, जिसके बाद मकान मालिक द्वारा पत्नी का बार-बार यौन शोषण किया गया. मामला और गंभीर तब हो गया जब मकान मालिक की मांग किराएदार की नाबालिग बेटी तक पहुंच गई. पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, पिता ने इस बार भी सहमति दे दी, जिसके चलते बच्ची का लगातार शोषण और दुर्व्यवहार जारी रहा. नाबालिग को विभिन्न जगहों पर ले जाकर मकान मालिक और दूसरे व्यक्ति द्वारा अपराध किया गया.

यह शोषण का चक्र तब सामने आया जब पीड़िता के नाना को इस स्थिति का पता चला. इस घोर विश्वासघात और मामले की गंभीरता से व्यथित होकर उन्होंने तुरंत स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. आरोपों के आधार पर मोरबी ए-डिवीजन पुलिस ने POCSO एक्ट और भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया. जांच के दौरान पीड़िता के पति और मकान मालिक को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया.

पति को जेल भेज दिया गया, जबकि मकान मालिक को पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में लिया गया. पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की है कि मामले में शामिल तीसरा आरोपी अभी फरार है. सभी जिम्मेदार लोगों को कानून के कटघरे में लाने के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है. यह मामला प्रवासी मजदूर परिवारों की कमजोरियों और स्थानीय स्तर पर मजबूत सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत को लेकर काफी ध्यान आकर्षित कर रहा है.

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