बंगाल में ‘सोना पप्पू’ पर शिकंजा, ED की जांच में हवाला, जमीन कब्जा और पुलिस नेटवर्क के आरोप

Global Bharat 19 May 2026 10:03: PM 3 Mins
बंगाल में ‘सोना पप्पू’ पर शिकंजा, ED की जांच में हवाला, जमीन कब्जा और पुलिस नेटवर्क के आरोप

विश्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू...10 साल पहले तक ये सामान्य व्यक्ति था...ममता बनर्जी का खास बनते ही ये कुछ सालों में बंगाल से बांग्लादेश तक नेटवर्क बना लेता है! भू-माफिया सोना पप्पू का तरीका एकदम अतीक अहमद की तरह था! इसको गिरफ्तार करने के लिए बंगाल पुलिस, ED, सुवेंदु अधिकारी और अमित शाह मिलकर एक जाल बिछाते हैं! करीब 1 महीने की कड़ी मेहनत के बाद बंगाल की सबसे बड़ी मछली ED के हाथ लग जाती है!

कोलकाता के बेहाला से सबसे पहले भूमाफिया जॉय कामदार को ED पिछले महीने गिरफ्तार करती है. उसके बाद कोलकाता के DCP शांतनु सिन्हा बिश्वास को भी गिरफ्तार किया जाता है, जो कोलकाता के डिप्टी कमिश्नर पद पर तैनात थे, ठीक 4 दिन बाद बिश्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू की गिरफ्तारी होती है!

मुख्यत: बंगाल में ये तीनों मिलकर तीन काम करते थे, पहला था हवाला कारोबार जिसमें दुबई, पाकिस्तान, बांग्लादेश के साथ रिश्ते हो सकते हैं, करोड़ों की जांच सामने आ सकती है, घर में महंगी और लग्जरी कारें मिली हैं! हवाला से आए करोड़ों रुपए क्या TMC को दिए गए थे इसकी भी ED जांच कर रही है! दूसरा तरीका था महंगी ज़मीन पर कब्ज़ा करना, जिसमें सोना पप्पू की मदद करता था DCP शांतनु सिन्हा, कोलकाता की जो महंगी ज़मीन खाली होती उसको अतीक के स्टाइल में सोना पप्पू अपना बनाता, पीड़ित पुलिस के पास जाता तो DCP शांतनु मैनेज करता! ऐसे करते-करते करीब 50 से ज्यादा महंगी ज़मीनों पर सोना पप्पू ने कब्जा जमा लिया! तीसरा तरीका ऐसा था जिससे करोड़ों की संपत्ति तैयार की गई, आम लोगों से उगाही की गई, फिरौती और कटमनी का खेल ममता बनर्जी की सरकार में चलता था, जिसमें सिर्फ पोद्दार, DCP और कामदार ही नहीं बल्कि एक बड़ा गैंग काम करता था, सोना पप्पू ही गैंग का सरगना था...लेकिन आका कौन है ये भी पता चल जाएगा!

सफेद शर्ट में चलने वाला सोना पप्पू अभिषेक बनर्जी के ज़रिए ममता बनर्जी का खास बनता है, सत्ता का प्रयोग करते हुए वो बंगाल पुलिस तक अपनी पकड़ बनाता है, DCP शांतनु की मदद से वो पुलिस पर भी हनक जमाता था, देखते ही देखते कोलकाता के साथ कई शहरों में इसका साम्राज्य स्थापित होते चला गया! घर पर जब इसके ED का छापा पड़ा तो एक विदेशी गन भी मिलती है, ये गन उसी के पास हो सकती है जो हवाला कारोबारी या फिर विदेशी गैंग का सदस्य हो! यानी इसमें बंगाल के कई और अधिकारी शामिल हो सकते हैं, कामदार ने DCP का नाम लिया था, और जब सुवेंदु की पुलिस ने DCP को तोड़ा तो उसने सोना पप्पू का नाम और अब अगर इसको थर्ड डिग्री दिया जाता है तो ये TMC के किसी बड़े नेता का नाम कबूल कर सकता है, क्योंकि जिस खेल में पूरा सिस्टम और सरकार शामिल थी उसमें कई बड़े चौंकाने वाले नाम भी हो सकते हैं!

10 साल पहले पोद्दार एक छोटा प्यादा था, नया-नया फिरौती किंग बना था, 2015 में एक हिंसा का मास्टरमाइंड निकला था, 2017 में सोना पप्पू पर एक हत्या का आरोप भी लगा लेकिन पुलिस इसे हाथ तक नहीं लगा पाई! कहते हैं TMC के राज में कोई भी पुलिस अधिकारी इसको छू नहीं सकता था इसलिए कहा जा रहा है सुवेंदु की ये सबसे बड़ी सफलता है!

बंगाल पुलिस इस केस में क्या अभिषेक बनर्जी तक पहुंचेगी? क्योंकि कोलकाता का नियंत्रण तो भतीजे के पास ही था!
2014 में अभिषेक बनर्जी TMC के सांसद बने और कुछ सालों में ही ममता के आस-पास सोना पप्पू जैसे कई अपराधी खड़े हो गए!
केंद्रीय एजेंसी ED को शक है कि DCP शांतनु, हवाला कारोबारी सोना पप्पू और भूमाफिया कामदार को अभिषेक बनर्जी निर्देश देते थे!
CM सुवेंदु ने चार भूमाफियाओं का नाम बंगाल पुलिस को सौंपा है, जिसमें सोना पप्पू, राजू नस्कर, जावेद खान का बेटा और अभिषेक बनर्जी शामिल हैं!

यानी ये जांच अभिषेक बनर्जी के उस तहखाने तक पहुंचेगी जहां से बंगाल को जंगलराज बनाया जा रहा था, CM सुवेंदु ने पहली बार अभिषेक को खुले मंच से जेल में डालने की बात कही है, और वो इसी आधार पर कही है क्योंकि सोना पप्पू के गैंग का किंगपिन अभिषेक बनर्जी को ही कहा जा रहा है!

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