लखनऊ : अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की रकम और सामान से जुड़े चोरी के मामले में बुधवार, 23 सितंबर को बड़ा अपडेट सामने आया. जांच कर रही एसआईटी ने अयोध्या की एंटी करप्शन कोर्ट में आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी. स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक आरोप पत्र और उसके दस्तावेजों का पूरा सेट करीब 74 हजार पन्नों का है, जिसे कई बक्सों में भरकर अदालत लाया गया.
इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और निर्माण प्रभारी गोपाल राव को लेकर है। चार्जशीट में इन तीनों को आरोपी नहीं बनाया गया है. रिपोर्टों के अनुसार तीनों के नाम गवाहों में शामिल हैं. इसका मतलब यह है कि जांच एजेंसी ने मौजूदा चार्जशीट में उनके खिलाफ आपराधिक आरोप नहीं लगाए हैं.
एसआईटी की चार्जशीट में 133 गवाहों के बयान शामिल किए गए हैं. इसके अलावा जांच में सीसीटीवी फुटेज, चढ़ावे से जुड़े रिकॉर्ड, बैंक और अन्य दस्तावेजों की भी पड़ताल की गई. सुप्रीम कोर्ट के सामने पेश की गई एसआईटी की स्थिति रिपोर्ट में मंदिर परिसर में चढ़ावे की रकम को कथित तौर पर अनधिकृत तरीके से हटाए जाने की 105 घटनाओं का भी उल्लेख किया गया था.
चार्जशीट में कुल आठ आरोपियों को नामजद किया गया है. रिपोर्टों के मुताबिक इनमें राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू, अनुकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, मनीष यादव, लवकुश मिश्रा, रामाशंकर मिश्रा और सुभाष श्रीवास्तव के नाम शामिल हैं. अब अदालत चार्जशीट और सबूतों के आधार पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया तय करेगी.