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कोलकाता: पश्चिम बंगाल में सियासी तापमान एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है. तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के 2 जून को प्रस्तावित धरने को कोलकाता पुलिस ने अनुमति देने से इनकार कर दिया. पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा रानी रासमणि एवेन्यू पर मंच निर्माण का सामान पहुंचाए जाने के बाद पुलिस ने उसे भी मौके से हटा दिया.
टीएमसी ने इस फैसले को राजनीतिक साजिश बताया है. पार्टी का आरोप है कि चुनाव नतीजों के बाद TMC नेताओं और कार्यकर्ताओं पर हो रहे हमलों के विरोध में यह शांतिपूर्ण धरना रखा गया था, लेकिन सत्ता पक्ष इसे रोकने की कोशिश कर रहा है.
ममता बनर्जी का आक्रामक रुख
ममता बनर्जी ने साफ कहा है कि वे अपना कार्यक्रम रद्द नहीं करेंगी. उन्होंने कहा, “हमने कल की बैठक पहले से तय कर रखी है. अब आप कह रहे हैं कि जगह बदल दो. ऐसा कैसे हो सकता है? मंच हो या न हो, बैठक होगी. मैं वहां जाऊंगी. अगर मुझे रोका गया तो जहां रोकेंगे, वहीं बैठ जाऊंगी. चाहे गिरफ्तार ही क्यों न कर लें.” ममता ने आगे चेतावनी देते हुए कहा कि जरूरत पड़ी तो वे दिल्ली जाकर भी विरोध दर्ज कराएंगी और INDIA गठबंधन की बैठक में इस मुद्दे को उठाएंगी.
धरने का मकसद
यह धरना हाल ही में TMC सांसद अभिषेक बनर्जी समेत कई नेताओं पर हुए हमलों और कथित पोस्ट-पोल हिंसा के विरोध में रखा गया था. TMC का दावा है कि चुनाव परिणाम आने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है. रानी रासमणि एवेन्यू कोलकाता में बड़े राजनीतिक प्रदर्शनों के लिए प्रसिद्ध जगह है, लेकिन पुलिस ने यहां धरने की अनुमति देने से मना कर दिया. पुलिस की तरफ से अभी इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.
अब क्या होगा?
सबकी नजर इस बात पर है कि कल (2 जून) ममता बनर्जी क्या कदम उठाती हैं. TMC ने साफ कर दिया है कि वे धरना करेंगी, भले ही मंच न हो या पुलिस बाधा डाले. यह घटनाक्रम TMC और BJP के बीच बढ़ते राजनीतिक टकराव को और तीखा बनाने वाला माना जा रहा है.