कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक अनूठी और प्रेरणादायक कहानी सामने आई है. कलिता माझी, जिन्हें लोग प्यार से 'कलिता दीदी' कहते हैं, कभी दूसरों के घरों में झाड़ू-पोछा और कपड़े धोने का काम करती थीं. आज वे भाजपा की विधायक और राज्य की मंत्री बन चुकी हैं. उनका सफर गरीबी, संघर्ष और मेहनत की मिसाल बन गया है.
कलिता माझी पश्चिम बंगाल के पूर्वी बर्धमान जिले की औसग्राम सीट से भाजपा विधायक चुनी गई हैं. हाल ही में हुई कैबिनेट विस्तार में उन्हें मंत्री पद की शपथ मिली. भावुक होते हुए कलिता ने कहा, "यह अवसर सिर्फ मोदी जी ही दे सकते थे."
कलिता का संघर्ष भरा सफर
कलिता माझी का यह उदय 'काम वाली दीदी' से 'माननीय मंत्री' तक पहुंचने का जीवंत उदाहरण है. भाजपा इसे 'मोदी की गारंटी' और गरीबों को मुख्यधारा में लाने का सबूत बता रही है. यह खबर उन लाखों गरीब महिलाओं को प्रेरणा दे रही है जो रोजाना मेहनत-मजदूरी करके परिवार चला रही हैं. कलिता माझी ने साबित कर दिया कि सही मौका और मेहनत से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है.