कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस में बगावत की आग अब सुप्रीमो ममता बनर्जी खुद बुझा रही हैं. पार्टी ने दो विधायकों संदीपन साहा और रितब्रत बनर्जी को तुरंत पार्टी से निष्कासित कर दिया है. ममता बनर्जी ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में यह सख्त कार्रवाई की है.
सूत्रों के अनुसार, दोनों विधायकों ने विधानसभा स्पीकर के पास शिकायत दर्ज कराई थी कि वे विपक्ष के नेता के नाम के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं करना चाहते थे. हस्ताक्षर में गड़बड़ी का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने शिकायत की, जिसके बाद हरे स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में FIR भी दर्ज कराई गई.
TMC में बढ़ती अस्थिरता
इस कार्रवाई से साफ है कि चुनावी हार के बाद TMC के अंदर असंतोष और बगावत की लहर तेज हो गई है. कुछ दिन पहले ही TMC सांसद काकोली घोष ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था. इसके अलावा, अभिषेक बनर्जी पर हाल में हुए हमले के बाद पार्टी की बैठक भी विवादों में घिर गई. बैठक तय समय पर शुरू नहीं हो सकी और करीब 60 विधायक अनुपस्थित रहे.
ममता का सख्त रुख
चुनावी शिकस्त के बाद ममता बनर्जी अब पार्टी में अनुशासन बहाल करने के लिए सख्त कदम उठा रही हैं. पार्टी सूत्र बताते हैं कि किसी भी तरह की बगावत बर्दाश्त नहीं की जाएगी. पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस निष्कासन का असर अब देखना बाकी है, क्योंकि दोनों विधायक काफी सक्रिय माने जाते थे.