नई दिल्ली: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शनिवार को बिहार के साहिबगंज विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह को गैर इरादतन हत्या (culpable homicide not amounting to murder) का दोषी ठहराया है. कोर्ट ने उन्हें आईपीसी की धारा 304 (भाग-2) और आर्म्स एक्ट की धारा 30 के तहत दोषी पाया. उनकी पत्नी रेनू सिंह और दो अन्य आरोपियों को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया. कोर्ट ने राजू सिंह को हिरासत में ले लिया है. सजा पर सुनवाई 9 जून 2026 को होगी.
मामला क्या है?
31 दिसंबर 2018 की रात, नए साल की पूर्व संध्या पर दिल्ली के अंबेडकर कॉलोनी, मंडी गांव स्थित रोज फार्म में पार्टी चल रही थी. शिकायतकर्ता विकास गुप्ता अपनी पत्नी अर्चना गुप्ता और बेटी के साथ पार्टी में शामिल थे. आरोप के अनुसार, राजू सिंह और उनके ड्राइवर हरि सिंह (जो अब मृत हैं) ने हवा में गोलियां चलाईं. एक गोली अर्चना गुप्ता के सिर में लग गई, जिससे उनकी मौत हो गई.
घटना के बाद दोनों आरोपी फरार हो गए थे और उत्तर प्रदेश के फाजिल नगर से गिरफ्तार किए गए. पुलिस ने राजू सिंह के पास से .22 कैलिबर की पिस्तौल और कारतूस बरामद किए. घटनास्थल से भी खाली कारतूस मिले थे.
कोर्ट का फैसला
विशेष न्यायाधीश (MP-MLA) विशाल गोगने ने राजू सिंह को दोषी करार दिया, जबकि अन्य आरोपियों को बरी कर दिया. मामले में शुरू में हत्या (302) की धारा लगाई गई थी, लेकिन साक्ष्यों के आधार पर गैर-इरादतन हत्या में बदलाव हुआ. यह फैसला बिहार राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है. राजू सिंह साहिबगंज से भाजपा विधायक हैं.