नालंदा : बिहार के नालंदा जिले से मिड-डे मील में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है. नूरसराय प्रखंड के मध्य विद्यालय परासी में मंगलवार, 18 अगस्त को दोपहर के भोजन के बाद 24 से ज्यादा बच्चे अचानक बीमार पड़ गए. बच्चों को उल्टी, चक्कर, बेचैनी और पेट संबंधी परेशानी की शिकायत हुई, जिसके बाद उन्हें बिहारशरीफ सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया. डॉक्टरों ने शुरुआती इलाज के बाद बच्चों को खतरे से बाहर बताया.
बताया जा रहा है कि स्कूल में बच्चों को सोयाबीन-चावल और सब्जी परोसी गई थी. कुछ बच्चों ने सब्जी में नमक कम होने की शिकायत करते हुए अतिरिक्त नमक मांगा. आरोप है कि इसी दौरान रसोई में रखे नमक की जगह गलती से डिटर्जेंट पाउडर यानी सर्फ भोजन में डाल दिया गया. रिपोर्टों के मुताबिक रसोई में नमक और डिटर्जेंट के पैकेट एक-दूसरे के पास रखे थे, जिससे यह गलती होने की बात सामने आई है. हालांकि, जिला शिक्षा अधिकारी ने भोजन में सर्फ मिलाए जाने के आरोप को शुरुआती तौर पर खारिज किया है और कहा है कि असली वजह जांच के बाद स्पष्ट होगी.
घटना के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ते ही स्कूल में अफरा-तफरी मच गई. कुछ परिजनों ने आरोप लगाया कि समय पर एंबुलेंस नहीं मिली, जिसके चलते बच्चों को ई-रिक्शा और ऑटो से अस्पताल ले जाना पड़ा. अस्पताल में एक बेड पर दो-तीन बच्चों के इलाज की स्थिति को लेकर भी परिजनों ने नाराजगी जताई.
मामले को लेकर प्रशासन और शिक्षा विभाग ने जांच शुरू कर दी है। भोजन के नमूने जांच के लिए भेजे जा रहे हैं, ताकि यह पता चल सके कि वास्तव में उसमें डिटर्जेंट मिला था या बच्चों की तबीयत खराब होने की कोई दूसरी वजह थी. बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार भी अस्पताल पहुंचे और बच्चों का हाल जाना. उन्होंने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए जांच के बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया है.