बाराबंकी: ओसामा बिन लादेन को खोज निकालने वाली टीम में शामिल रही बेल्जियन शेफर्ड नस्ल का खोजी कुत्ता अब उत्तर प्रदेश के बाराबंकी पुलिस के डॉग स्क्वाड में शामिल हो गया है. इस कुत्ते का नाम ‘टकर’ है. इसे बीएसएफ के ग्वालियर स्थित नेशनल ट्रेनिंग सेंटर फॉर डॉग में नौ महीने का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है.
टकर के शामिल होने से बाराबंकी पुलिस को राहत मिली है. जिले के डॉग स्क्वाड में पहले डायना और निक्की नाम की दो डॉबरमैन नस्ल की कुतियां थीं, जिनकी मृत्यु क्रमशः 3 अप्रैल 2025 और 18 सितंबर 2025 को हो गई थी. लगभग एक साल से पुलिस के पास प्रशिक्षित खोजी कुत्ता नहीं था. अब टकर घटनास्थल से सुराग जुटाने और संदिग्धों तक पहुंचने में मदद करेगा.
प्रशिक्षण और हैंडलर
टकर के साथ हैंडलर विकास कुमार ने भी ग्वालियर के नेशनल ट्रेनिंग सेंटर से नौ महीने का प्रशिक्षण लिया है. प्रशिक्षण के दौरान कुत्ते को घटनास्थल से मिले सुरागों की गंध से संदिग्ध तक पहुंचने के लिए तैयार किया गया. हैंडलर विकास ने बताया कि ओसामा बिन लादेन को खोजने वाली टीम में भी बेल्जियन शेफर्ड नस्ल का ही कुत्ता शामिल था.
कैसे मदद करेगा
टकर हत्या, चोरी, लूट जैसी गंभीर वारदातों में घटनास्थल से मिले कपड़े, वस्तु या अन्य सुरागों को सूंघकर संदिग्धों तक पहुंचने में पुलिस की मदद करेगा. खासकर उन मामलों में जहां मौके से महत्वपूर्ण सुराग नहीं मिल पाते, वहां यह जांच की दिशा तय करने में उपयोगी साबित हो सकता है. पुराने और अनसुलझे मामलों में भी इसकी मदद ली जा सकेगी.
बेल्जियन शेफर्ड (मालिनोइस) नस्ल के कुत्तों को मजबूत, एथलेटिक और उच्च खोज क्षमता वाला माना जाता है. इनका इस्तेमाल सेना और सुरक्षा बलों में भी होता है. 2011 में अमेरिका के ‘ऑपरेशन नेपच्यून स्पीयर’ में भी इसी नस्ल के कुत्ते ने ओसामा बिन लादेन को खोजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. बाराबंकी पुलिस को करीब ढाई महीने बाद एक और खोजी कुत्ता मिलने की उम्मीद है, जिससे डॉग स्क्वाड और मजबूत होगा.