आगरा: ताजमहल के ठीक सामने यमुना नदी के पार स्थित भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के संरक्षित स्मारक मेहताब बाग में अवैध धार्मिक अनुष्ठान किए जाने का मामला सामने आया है. 17 अगस्त को अज्ञात व्यक्तियों के एक समूह ने परिसर में घुसकर भगवान शिव की पूजा की, गंगाजल अर्पित किया, आरती उतारी और धार्मिक झंडा फहराया. इस दौरान उन्होंने ताजमहल को मूल रूप से ‘तेजो महालय’ नामक शिव मंदिर बताने वाले दावे भी दोहराए.
सोशल मीडिया पर इस घटना के वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद मामला प्रकाश में आया. ASI के वरिष्ठ संरक्षण सहायक अंकित नामदेव की शिकायत पर एतमाद्दुद्दौला थाने में FIR दर्ज की गई है. शिकायत में कहा गया है कि संरक्षित स्मारक में बिना अनुमति धार्मिक गतिविधियां की गईं, जिसमें आरती, दीप जलाना और धार्मिक ध्वज प्रदर्शित करना शामिल है. यह स्थल प्रतिदिन हजारों घरेलू और विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करता है, और ऐसी घटनाएं स्मारक की वैश्विक छवि को नुकसान पहुंचा सकती हैं.
चट्टा सर्कल की ACP श्वेता वर्मा के अनुसार, प्रारंभिक जांच में अखिल भारत हिंदू महासभा से जुड़े अधिकतम तीन लोगों की संलिप्तता का संकेत मिला है. आरोप है कि ये लोग धार्मिक सामग्री को जेबों में छिपाकर सुरक्षा जांच से बचते हुए अंदर घुसे थे.
FIR में प्राचीन स्मारक तथा पुरातत्वीय स्थल और अवशेष अधिनियम, 1958 की धारा 30(1), भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 (लोक सेवक द्वारा विधिवत जारी आदेश की अवज्ञा) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया गया है. ACP श्वेता वर्मा ने बताया कि मामले की जांच इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी को सौंपी गई है. जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी. ASI ने स्पष्ट किया है कि संरक्षित स्मारकों में बिना अनुमति किसी भी प्रकार की धार्मिक या अन्य गतिविधियां करना कानूनन अपराध है.