शामली: उत्तर प्रदेश के शामली जिले के आदर्श मंडी थाना क्षेत्र के गांव गोहरनी में मंगलवार को जमीन विवाद निपटाने पहुंची राजस्व विभाग की टीम के सामने एक किसान ने खुद पर ज्वलनशील पदार्थ उड़ेलकर आग लगा ली. किसान आदित्य ने कानूनगो पर 50 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है. घटना के बाद हड़कंप मच गया. गंभीर हालत में किसान को दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
घटना उस समय हुई जब राजस्व टीम पुलिस बल के साथ मौके पर बाउंड्री वॉल हटाने पहुंची थी. आदित्य ने इसका विरोध करते हुए अचानक खुद को आग के हवाले कर दिया. पास के खेत में पानी भरा हुआ था, लपटों में घिरा किसान उसी में कूद गया. राजस्व टीम और पुलिस ने तुरंत मिट्टी डालकर आग बुझाई. प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल से उसे उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया गया.
जमीन विवाद की पृष्ठभूमि
मामला बीरबाला (पत्नी स्वर्गीय रामनरेश बेनीवाल) और आदित्य के बीच जमीन के झगड़े का है. 30 अप्रैल 2013 को एसडीएम न्यायालय से अंतिम आदेश जारी हो चुका था, जिसके बाद बीरबाला कब्जा दिलाने की मांग कर रही थीं. उन्होंने डीएम और अन्य अधिकारियों को कई प्रार्थना पत्र दिए थे. राजस्व टीम ने 30 जून को जमीन की पैमाइश कर चिन्हित किया था, लेकिन बाउंड्री वॉल के कारण कब्जा नहीं दिलाया जा सका. 14 अगस्त को सहमति से कुछ हिस्सा हटाया गया था, बाकी दीवार 15 अगस्त तक हटाने का आश्वासन दिया गया था. दीवार न हटने पर बीरबाला ने संपूर्ण समाधान दिवस पर डीएम के समक्ष शिकायत की, जिसके बाद टीम मौके पर भेजी गई.
एसडीएम का बयान
शामली के एसडीएम सचिन कुमार ने रिश्वत मांगने के आरोप को बेबुनियाद बताया. उन्होंने कहा कि महिला की शिकायत पर समस्या निस्तारण के लिए टीम भेजी गई थी. किसान ने खुद बाउंड्री वॉल हटाने की बात कही थी, लेकिन निर्धारित समय तक दीवार न हटने पर कार्रवाई की गई.