जमशेदपुर: प्रतिबंधित संगठन भाकपा (माओवादी) के केंद्रीय समिति सदस्य और एक करोड़ रुपए के इनामी नक्सली असीम मंडल उर्फ आकाश तथा उसके दस्ते के 5-6 सदस्यों के जल्द आत्मसमर्पण की चर्चा तेज हो गई है. हालांकि, सरेंडर झारखंड में होगा या पश्चिम बंगाल में, इस पर दोनों राज्यों की पुलिस के बीच खींचतान चल रही है.
सूत्रों के अनुसार, पश्चिम बंगाल पुलिस ने असीम मंडल को राजी करने का जिम्मा पूर्व एरिया कमांडर रंजीत पाल उर्फ राहुल को सौंपा है. राहुल खुद कभी 25 लाख रुपए के इनामी नक्सली थे और झामुमो सांसद सुनील महतो हत्याकांड के मुख्य आरोपी रह चुके हैं. वे असीम मंडल के दस्ते के पूर्व सदस्य भी थे.
राहुल ने पश्चिम बंगाल में सरेंडर किया था. वहां की पुनर्वास नीति के तहत उन्हें आर्थिक सहायता और होमगार्ड की नौकरी मिली. बंगाल की सरेंडर पॉलिसी में नक्सलियों को जेल के बजाय सुरक्षित स्थान पर रखने और होमगार्ड में बहाली का प्रावधान है, जबकि झारखंड में इनामी राशि के साथ जेल भेजा जाता है.
इसी वजह से कई माओवादी बंगाल में सरेंडर को तरजीह देते हैं. राहुल हाल ही में गालूडीह थाना क्षेत्र के बेको इलाके में पहुंचे और असीम मंडल से संपर्क साधने की कोशिश की. दोनों राज्यों की पुलिस इस बड़े सरेंडर का श्रेय लेने की कोशिश में जुटी हुई हैं.