पटना: बिहार के सीवान जिले में 25 जुलाई को हुए प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. बिहार पुलिस ने हलफनामे में अहम खुलासे किए हैं. पुलिस के अनुसार, पथराव में 20 पुलिसकर्मी घायल हुए और भीड़ में फंसे एक जवान ने AK-47 से हवा में 4 राउंड फायर किए.
पुलिस ने बताया कि AISA और RYA (CPI-ML के छात्र-युवा संगठन) के प्रदर्शनकारी गांधी मैदान से JP चौक की ओर मार्च कर रहे थे. दोपहर करीब 12:30 बजे पथराव शुरू हो गया, जिसमें मैरवा और गोपालगंज रोड से आए लोग भी शामिल हो गए. स्थिति हिंसक हो गई.
पथराव में सीवान के पुलिस अधीक्षक समेत 2 SDPO, 2 इंस्पेक्टर, 2 सब-इंस्पेक्टर और 13 कॉन्स्टेबल सहित 20 पुलिसकर्मी घायल हुए. दो पुलिस गाड़ियों और कई ट्रैफिक ट्रॉलियों को नुकसान पहुंचा. हालात काबू करने के लिए वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया.
DIU के एक कॉन्स्टेबल भीड़ में फंस गए थे, जिन्होंने AK-47 से हवा में 4 गोलियां चलाईं. पुलिस का दावा है कि इनसे कोई घायल नहीं हुआ. एक अन्य ASI ने 9mm पिस्तौल से 2 राउंड फायर किए. तीन प्रदर्शनकारियों को मामूली गोली की चोटें आईं, जिन्हें इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई.
इस मामले में 82 लोगों के खिलाफ 6 FIR दर्ज हैं, जिनमें से 17 गिरफ्तार हो चुके हैं. AK-47 चलाने वाले कॉन्स्टेबल को निलंबित कर दिया गया है और विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है. बैलिस्टिक जांच जारी है.