'बीकानेर हाउस ने हटवाईं विरोध प्रदर्शन की 75 तस्वीरें...' प्रियंका गांधी के बेटे रेहान वड्रा भड़के

Amanat Ansari 22 Oct 2026 11:27 AM 2 Mins
'बीकानेर हाउस ने हटवाईं विरोध प्रदर्शन की 75 तस्वीरें...' प्रियंका गांधी के बेटे रेहान वड्रा भड़के

Rehan Gandhi Photography Exhibition: दिल्ली के बीकानेर हाउस में अपने फोटोग्राफी प्रदर्शनी से दिल्ली के हालिया विरोध प्रदर्शनों की तकरीबन 75 तस्वीरें हटाए जाने पर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वड्रा के बेटे और फोटोग्राफर रेहान वड्रा ने गुरुवार को प्रशासन पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि किसी भी तरह से कला पर अंकुश लगाना गलत है. प्रदर्शनी का नाम है ''No Idea is Final''.

इसमें रेहान के तीन साल के काम शामिल हैं- स्ट्रीट फोटोग्राफी, युवा आंदोलन और दिल्ली के हालिया प्रदर्शनों की तस्वीरें. कुल 100 से ज्यादा फोटो और आर्टवर्क थे, लेकिन प्रशासन ने दो कमरों की 75 तस्वीरों पर आपत्ति जताई और उन्हें हटा दिया. नतीजा यह हुआ कि दो कमरे लगभग खाली रह गए.

रेहान ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उन्होंने 15 अक्टूबर को ही प्रदर्शनी का लेआउट बीकानेर हाउस को भेज दिया था और उन्हें पावती भी मिली थी. लेकिन प्रदर्शनी खुलने से कुछ घंटे पहले प्रशासन ने कहा कि ये तस्वीरें राजनीतिक हैं और बुकिंग पॉलिसी के खिलाफ हैं.

उन्होंने कहा कि मैंने कहा कि मैं कोई तस्वीर नहीं हटाना चाहता. अगर आपको दिक्कत है तो लिखित में बताएं कि किन फोटो पर आपत्ति है और क्यों. फिर हम चर्चा कर सकते हैं. लेकिन प्रशासन ने जवाब नहीं दिया. अंत में 21 अक्टूबर को दोपहर करीब 2 बजे कहा गया कि तस्वीरें हटानी ही होंगी.

प्रिंसिपल रेजिडेंट कमिश्नर ने बताया कि मौजूदा समय और दिल्ली-भारत की स्थिति को देखते हुए ये तस्वीरें राजनीतिक प्रकृति की हैं, इसलिए नीति के खिलाफ हैं. रेहान ने इस तर्क को खारिज करते हुए कहा कि कलाकृति का राजनीतिक संदर्भ यह तय नहीं कर सकता कि उसे प्रदर्शित किया जाए या नहीं.

उन्होंने आगे बताया कि करीब 3:30 बजे प्रशासन ने चेतावनी दी कि अगर 4 बजे तक तस्वीरें नहीं हटाई गईं तो प्रदर्शनी रद्द कर दी जाएगी और इमारत सील कर दी जाएगी. दबाव में टीम ने पहले फ्रेम पलट दिए, लेकिन अधिकारियों ने जोर दिया कि पूरी तरह उतारकर स्टोर में रख दी जाएं.

रेहान ने कहा कि अगर कोई तस्वीर बहुत ज्यादा राजनीतिक हो, नारे लगे हों या ग्राफिक नग्नता हो तो समझ में आता है. लेकिन सिर्फ इसलिए 75 फोटो हटा देना कि किसी को आपत्ति हो सकती है, यह सही नहीं है. आप खुद को सांस्कृतिक संस्थान नहीं कह सकते अगर कलाकारों की अभिव्यक्ति की आजादी पर रोक लगा रहे हो. बीकानेर हाउस में उन्होंने 2021 से लगभग हर साल प्रदर्शनी लगाई है. वे इसे स्वतंत्र अभिव्यक्ति का स्थान मानते थे.

प्रियंका गांधी की प्रतिक्रिया

मां प्रियंका गांधी वड्रा ने इस कदम को “बेतुका” बताया. उन्होंने कहा, “यह अब लोकतंत्र नहीं रहा. आज ये हैं, कल कोई और कलाकार होगा. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर बेटे का समर्थन किया और लिखा कि जब कोई सत्ता वाला किसी की अभिव्यक्ति से डरने लगता है तो वह अपनी सत्ता पहले ही खो चुका होता है. बीकानेर हाउस के अधिकारी ने कोई आधिकारिक टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.

दो खाली कमरों की दीवारों पर अब संविधान की प्रस्तावना की प्रतियां लगाई गई हैं. प्रदर्शनी रविवार तक चलेगी. रेहान हटाई गई तस्वीरों के लिए दिल्ली में दूसरा स्थान खोज रहे हैं. दिसंबर में यह प्रदर्शनी बेंगलुरु भी जाएगी.

Recent News