यूपी की वोटर लिस्ट में बड़ा खेल! 13,150 वोटरों के नाम बदले, चुनाव आयोग ने दो कर्मचारियों पर कार्रवाई के दिए आदेश

Amanat Ansari 21 Oct 2026 11:00 PM 2 Mins
यूपी की वोटर लिस्ट में बड़ा खेल! 13,150 वोटरों के नाम बदले, चुनाव आयोग ने दो कर्मचारियों पर कार्रवाई के दिए आदेश

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची में गड़बड़ी का बड़ा मामला सामने आया है. पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद चुनाव आयोग ने सख्त रुख अपनाया है. आयोग ने संबंधित निर्वाचन अधिकारी और वीआरसी ऑपरेटर को मतदाता सूची के काम से तत्काल हटाने तथा उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही पूरे प्रदेश की सभी विधानसभा सीटों की मतदाता सूचियों की गहन जांच कराने को कहा गया है.

यह मामला कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद सामने आया. पार्टी ने बुधवार को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया था कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद जारी मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर बदलाव किए गए हैं. शिकायत मिलने के बाद निर्वाचन अधिकारियों ने जांच की और पीलीभीत में मतदाताओं के विवरण से जुड़ी गड़बड़ियां पाईं.

EPIC नंबर वही, लेकिन मतदाता का नाम बदलने का आरोप

कांग्रेस के यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने आरोप लगाया कि पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र में जुलाई से सितंबर के बीच 13,150 मतदाताओं के नाम बदल दिए गए, जबकि उनके मतदाता पहचान पत्र यानी ईपीआईसी नंबर वही रहे.

पार्टी का कहना है कि इस तरह की गड़बड़ी से मतदाताओं को मतदान के समय परेशानी हो सकती है. मतदाता पहचान पत्र पर दर्ज संख्या और ऑनलाइन उपलब्ध विवरण में अंतर होने से मतदाता की पहचान को लेकर भ्रम पैदा हो सकता है.

कांग्रेस ने इस मामले की गंभीरता से जांच कराने की मांग की थी हालांकि, नाम बदलने और वोटों में हेरफेर के पीछे किसी राजनीतिक दल को लाभ पहुंचाने की मंशा होने संबंधी आरोप कांग्रेस ने लगाए हैं. इन आरोपों की अलग से पुष्टि होना अभी बाकी है.

जांच में क्या मिला?

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने शिकायत मिलने के बाद पीलीभीत के जिला निर्वाचन अधिकारी से रिपोर्ट मांगी. जांच में पाया गया कि कुछ मतदाताओं के ईपीआईसी नंबर ऑनलाइन सर्च करने पर किसी दूसरे मतदाता का विवरण सामने आ रहा था.

इसके बाद विधानसभा क्षेत्र संख्या 127 यानी पीलीभीत सदर के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और वीआरसी ऑपरेटर को मतदाता सूची के काम से तत्काल हटाने तथा उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए गए.

आयोग ने सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की जिम्मेदारी को लेकर भी स्पष्ट रिपोर्ट मांगी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि गड़बड़ी कैसे हुई और इसमें किस स्तर पर लापरवाही बरती गई.

दो दिन में रिपोर्ट, पूरे यूपी की वोटर लिस्ट की होगी जांच

निर्वाचन आयोग ने पीलीभीत की सभी विधानसभा सीटों की मतदाता सूचियों की भी गहन जांच करने का निर्देश दिया है. इसके लिए दो दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है. इसके अलावा प्रदेश के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को अपने-अपने जिलों की सभी विधानसभा सीटों की मतदाता सूचियों की जांच कर दो दिन में रिपोर्ट देने को कहा गया है. इससे यह पता लगाने की कोशिश होगी कि इस तरह की गड़बड़ियां केवल पीलीभीत तक सीमित हैं या दूसरे क्षेत्रों में भी ऐसी समस्याएं मौजूद हैं.

चुनाव से पहले मतदाता सूची पर बढ़ी निगरानी

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता का मुद्दा राजनीतिक रूप से अहम हो गया है. विपक्षी दल एसआईआर की प्रक्रिया के दौरान नाम जोड़ने और हटाने को लेकर सवाल उठा रहे हैं. वहीं, चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में त्रुटियों को दूर करने और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया तेज कर दी है.

अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि प्रदेशभर से आने वाली जांच रिपोर्टों में क्या सामने आता है और पीलीभीत मामले में आगे किन अधिकारियों या कर्मचारियों पर कार्रवाई होती है.

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