लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को पुलिस स्मृति दिवस पर उत्तर प्रदेश पुलिस की बदली हुई छवि की सराहना करते हुए समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि आज अपराधियों को अच्छी तरह पता है कि यूपी में उनका अंतिम ठिकाना कहां है.
सीएम योगी ने कहा कि एक दौर ऐसा भी था जब थानेदार या एसपी किसी अपराधी के खिलाफ कार्रवाई करने से पहले सोचते थे. क्योंकि अपराधी को हाथ लगाते ही सत्ता के गलियारों से फोन आने लगते थे और कुछ ही घंटों में अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई हो जाती थी. पुलिस को सत्ता से जुड़े लोगों के निजी कामों में उलझाया जाता था. थानों में सीलन भरी बैरकें और खपरैल की टपकती छतें थीं. पीएसी की कंपनियों को बंद करने के प्रयास हो रहे थे. अपराधी खुलेआम हथियार लहराते थे, जबकि पुलिस के पास पुराने और जंग लगे हथियार थे.
उन्होंने आगे कहा कि जो लोग पुलिस मुठभेड़ पर सवाल उठाते हैं, वही दुर्दांत माफिया और आतंकियों के मारे जाने पर मातम मनाते थे. जब माफिया की गोलियों से कोई निर्दोष पुलिसकर्मी शहीद होता है तो उसके अनाथ बच्चों के आंसू पोंछने की कोई संवेदना नहीं दिखाई जाती.
सीएम ने याद दिलाया कि 2012 से 2017 के बीच यूपी में 815 दंगे हुए थे. हर दंगे का असर गरीब की दुकान, मजदूर की दिहाड़ी और बच्चे की पढ़ाई पर पड़ता था. मथुरा के जवाहर बाग की घटना इसका उदाहरण है, जहां कब्जा करने वालों को संरक्षण मिला और पुलिस अधीक्षक मुकुल द्विवेदी तथा थानाध्यक्ष संतोष यादव को अपने प्राण गंवाने पड़े.
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 में सरकार बनने के बाद पुलिस के हाथों की राजनीतिक बेड़ियां तोड़ दी गईं. गरीब, पीड़ित, व्यापारी और बहन-बेटियों के सम्मान की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनाई गई. अपराधियों, माफिया और दंगाइयों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई. नतीजा यह है कि जहां पांच साल में 815 दंगे हुए थे, वहां आज दंगों की कोई कल्पना भी नहीं कर सकता. उत्तर प्रदेश उपद्रव से उत्सव प्रदेश बन चुका है.
उन्होंने बताया कि माफिया तत्वों की 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति जब्त की गई है. मुक्त कराई गई जमीन पर गरीबों के लिए आवास बनाए जा रहे हैं. प्रयागराज में हाल ही में 602 फ्लैटों के निर्माण का भूमि पूजन हुआ. बिना पक्षपात और लेन-देन के 2.26 लाख से अधिक पुलिस कर्मियों की भर्ती हुई है. महिला पुलिस कर्मियों की संख्या 10 हजार से बढ़कर 45 हजार हो गई है.