लखनऊ: उत्तर प्रदेश के 2027 विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने युवा मोर्चा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) की नई राष्ट्रीय टीम में उत्तर प्रदेश के तीन युवा नेताओं को अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं. पार्टी ने क्षेत्रीय, सामाजिक और जातीय समीकरणों को साधने की कोशिश की है.
अयोध्या के हर्षवर्धन सिंह को युवा मोर्चा का राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है. हर्षवर्धन पहले प्रदेश युवा मोर्चा में भी महामंत्री रह चुके हैं. पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी के करीबी निखिल मणि त्रिपाठी को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का पद दिया गया है. उनकी नियुक्ति के बाद देवरिया की स्थानीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है. वहीं मेरठ मूल के और दिल्ली की राजनीति में सक्रिय विनीत वत्स त्यागी को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाया गया है.
बीजेपी का मानना है कि राष्ट्रीय राजनीति की धुरी कहे जाने वाले उत्तर प्रदेश का महत्व पार्टी संगठनों में लगातार बढ़ रहा है. इससे पहले राष्ट्रीय टीम में भी यूपी के कई चेहरों को जगह मिली थी. अब युवा मोर्चा में महामंत्री, उपाध्यक्ष और कोषाध्यक्ष जैसे बड़े पद प्रदेश को दिए गए हैं.
पार्टी ने युवा चेहरों को आगे बढ़ाने के साथ-साथ सामाजिक समीकरणों पर भी खास ध्यान दिया है. अवध से लेकर पूर्वांचल और पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक अपनी पकड़ मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है. इन नियुक्तियों के जरिए बीजेपी बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और विपक्ष के प्रभाव को कम करने की रणनीति पर काम कर रही है.
वहीं विपक्षी दल भी युवाओं को साधने में जुटे हुए हैं. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव लगातार युवाओं से मुलाकात कर रहे हैं. बसपा ने आकाश आनंद को फिर से पार्टी में अहम भूमिका देकर युवा वर्ग तक पहुंच बनाने की कोशिश तेज कर दी है.
2027 के विधानसभा चुनाव में युवा मतदाताओं का समर्थन तय करेगा कि कौन सी पार्टी की रणनीति सबसे प्रभावी साबित होती है. बीजेपी ने भाजयुमो की नई टीम के जरिए इसी दिशा में अपना पहला बड़ा दांव चल दिया है.