दतिया: भाजपा ने दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए एक बड़ा और अप्रत्याशित फैसला लिया है. पूर्व गृहमंत्री और दतिया से पूर्व विधायक नरोत्तम मिश्रा को टिकट न देकर पार्टी ने आशुतोष तिवारी पर दांव खेला है. यह फैसला इसलिए ज्यादा चर्चा में है क्योंकि नरोत्तम मिश्रा उपचुनाव की घोषणा के तुरंत बाद सक्रिय हो गए थे, सभाएं कर रहे थे और नामांकन फॉर्म भी खरीद लिया था. लेकिन पार्टी ने उन्हें दरकिनार कर दिया.
दतिया सीट कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती के अयोग्य ठहराए जाने के कारण खाली हुई है. दिल्ली की एमपी-एमएलए कोर्ट ने 1998 के बैंक धोखाधड़ी मामले में उन्हें तीन साल की सजा सुनाई थी. दिल्ली हाई कोर्ट ने सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, जिसके बाद सीट पर उपचुनाव जरूरी हो गया.
आशुतोष तिवारी कौन हैं?
आशुतोष तिवारी संभागीय संगठन मंत्री रह चुके हैं और मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन भी रहे हैं. 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्हें टिकट नहीं मिला था, लेकिन दतिया में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है. 2023 के विधानसभा चुनाव में नरोत्तम मिश्रा को कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने 7,500+ वोटों के अंतर से हराया था.
पार्टी शायद इसी हार और अन्य रणनीतिक कारणों को देखते हुए नरोत्तम मिश्रा पर दोबारा दांव लगाने से हिचकिचाई. यह फैसला मध्य प्रदेश भाजपा में नई रणनीति और नेतृत्व परिवर्तन की ओर इशारा कर रहा है. अब देखना होगा कि आशुतोष तिवारी दतिया में BJP की जीत सुनिश्चित कर पाते हैं या नहीं.