"CJI को गाली दी, बेंच पर कागज फेंके... फिर भी सुप्रीम कोर्ट ने किया माफ

Amanat Ansari 10 Jul 2026 08:47: PM 1 Mins

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को एक शर्मनाक घटना घटी, जिसने पूरे अदालती परिसर में हड़कंप मचा दिया. एक याचिकाकर्ता ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) को गाली देते हुए जजों की बेंच पर कागजात उछाल दिए. लेकिन अदालत ने उसकी मानसिक हालत को देखते हुए उसे माफ कर दिया और कोई सजा नहीं दी. याचिकाकर्ता प्रबल प्रताप इलाहाबाद हाई कोर्ट से खारिज हुई रिट याचिका के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे.

जस्टिस के.वी. विश्वनाथन और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच के सामने पेशी के दौरान उन्होंने अजीबोगरीब बर्ताव शुरू कर दिया. उन्होंने कहा, "न्यायिक सेवक महोदय, मैं आपको आदेश देता हूं कि लखनऊ के विकास नगर के सहायक पुलिस आयुक्त के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का ऑर्डर दें." जज ने हैरानी जताते हुए पूछा, "आप हमें आदेश दे रहे हैं?"

इसके कुछ ही देर बाद प्रबल प्रताप ने बिना किसी उकसावे के बेंच की तरफ कागजात फेंक दिए और CJI के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया. अदालत के सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत उन्हें काबू में लिया और बाहर निकाल दिया. बेंच ने संयम बनाए रखते हुए कहा, "याचिकाकर्ता की हालत को देखते हुए हम उनके खिलाफ कोई कार्रवाई करने का प्रस्ताव नहीं रखते हैं." कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि आदेश में दखल देने का कोई आधार नहीं मिला.

प्रबल प्रताप ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 173(4) के तहत अपनी निजी शिकायत को आपराधिक मामले में बदलने की मांग की थी, जो इलाहाबाद हाई कोर्ट ने खारिज कर दी थी. सुप्रीम कोर्ट ने अपनी संवेदनशीलता दिखाते हुए याचिकाकर्ता की स्थिति को ध्यान में रखते हुए माफी का रवैया अपनाया, लेकिन केस के मेरिट पर सख्ती बरती और याचिका खारिज कर दी.

Supreme Court Supreme Court Abused CJI Chief Justice of India Man Abuse CJI Surya Kant

Recent News