पटना: बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव की सियासी गेंद एक बार फिर घूम गई. महज एक दिन पहले नामांकन दाखिल करने वाले अभिषेक कुमार सिन्हा बंटी के अचानक हटने के बाद भाजपा ने 28 वर्षीय युवा कार्यकर्ता नीरज कुमार सिन्हा को टिकट थमा दिया. नीरज सिन्हा कुछ घंटे पहले तक बूथ स्तर पर आम कार्यकर्ता की तरह प्रचार कर रहे थे, लेकिन पार्टी की एक फोन कॉल ने उनकी किस्मत पलट दी. अब नितिन नवीन के गढ़ माने जाने वाली इस सीट पर वे प्रशांत किशोर (जन सुराज) और रेखा गुप्ता (RJD) जैसी दिग्गज शख्सियतों के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे.
नीरज कुमार सिन्हा कौन हैं?
28 वर्ष के नीरज बीए पास हैं. माता-पिता का देहांत हो चुका है और अभी शादी नहीं हुई है. मूल रूप से पटना के रहने वाले हैं. नीरज 2006 से भाजपा सदस्य के रूप में कार्य कर रहे हैं. नरेंद्र भारती मंडल के अध्यक्ष, पूर्व बूथ अध्यक्ष, मंडल महामंत्री और भाजयुमो जिला उपाध्यक्ष के रूप में पार्टी में सेवा दे चुके हैं. नीरज सिन्हा के चाचा दिवंगत नरेंद्र भारती जनसंघ काल से भाजपा (तब जनसंघ) के कार्यकर्ता थे. उनके नाम पर ही मंडल का नाम रखा गया है.
गुरुवार को अभिषेक बंटी ने भव्य रैली के बीच नामांकन किया था, जिसमें सीएम सम्राट चौधरी समेत कई बड़े नेता शामिल हुए. लेकिन शुक्रवार शाम को उन्होंने पारिवारिक कारण बताते हुए नामांकन वापस ले लिया. कुछ ही देर बाद पार्टी ने नीरज सिन्हा का नाम घोषित कर दिया. नामांकन की अंतिम तारीख 13 जुलाई और मतदान 30 जुलाई को होगा. बांकीपुर सीट भाजपा का पारंपरिक गढ़ रही है.
यहां से नितिन नवीन पांच बार और उनके पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा चार बार विधायक चुने गए. अब युवा चेहरे नीरज सिन्हा को मौका देकर पार्टी ने एक नई रणनीति अपनाई लगती है. नीरज सिन्हा के चयन से भाजपा कार्यकर्ताओं में नया जोश देखा जा रहा है. अब देखना होगा कि यह "टिकट वाली लॉटरी" बांकीपुर में BJP के लिए कितनी कामयाब साबित होती है.