नई दिल्ली/कोलकाता: पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर एनसीपीआई में गए बागी सांसदों के भाजपा में शामिल होने की अटकलों पर पार्टी ने विराम लगा दिया है. राज्य भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने साफ कर दिया है कि फिलहाल किसी भी बागी नेता को शामिल करने की कोई योजना नहीं है.
एक बागी सांसद जगदीशचंद्र बासुनिया ने दावा किया था कि दुर्गा पूजा से पहले या बाद में 17 सांसद भाजपा में शामिल हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि ये सांसद दलबदल विरोधी कानून से बचने के लिए यह कदम उठा रहे हैं. लेकिन भाजपा ने इन अटकलों को खारिज कर दिया.
शमिक भट्टाचार्य ने कहा, “जहां तक मेरी जानकारी है, तृणमूल या एनसीपीआई से कोई भी भाजपा में शामिल नहीं हो रहा है. राज्य के लोग यह नहीं भूले हैं कि तृणमूल शासन के दौरान इन नेताओं और सांसदों ने किस तरह के अत्याचार किए थे.” उन्होंने सवाल भी किया कि बासुनिया जिस भाजपा की बात कर रहे हैं, क्या वह ‘मंगल ग्रह वाली भाजपा’ है.
उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी सिर्फ इसलिए किसी को शामिल नहीं करेगी क्योंकि वह भाजपा में आना चाहता है. भाजपा ने पश्चिम बंगाल में अपने दम पर सत्ता हासिल की है, न किसी की कृपा से और न विचारधारा से समझौता करके.
बागी सांसदों में काकोली घोष दस्तीदार, सुदीप बंदोपाध्याय, सायोनी घोष समेत करीब 20 नाम शामिल हैं. इनमें से तीन मुस्लिम सांसदों ने पहले ही साफ कर दिया है कि वे भाजपा में नहीं जाएंगे. निकाय चुनावों को देखते हुए बागी नेता गठबंधन की मांग कर रहे हैं, लेकिन भाजपा फिलहाल अकेले लड़ने के मूड में है.