महोबा: उत्तर प्रदेश में भाजपा की महिला नेता दीपाली तिवारी ने महोबा के जिलाध्यक्ष मोहन लाल कुशवाहा पर सेक्स की मांग का गंभीर आरोप लगाते हुए अब पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.
दीपाली ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर दावा किया कि संगठन की टीम ने उनके पति को जेल भेजने और बच्चों का भविष्य बर्बाद करने की धमकी देकर जबरन समझौता कराया. 26 अप्रैल को दीपाली तिवारी ने जिलाध्यक्ष पर आरोप लगाया था कि उपाध्यक्ष पद देने के नाम पर उनसे शारीरिक संबंध बनाने की मांग की गई.
मामले की जांच के लिए प्रदेश स्तर की टीम गठित हुई थी, जिसमें भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष कमलावती सिंह और क्षेत्रीय महामंत्री संत विलास शिवहरे शामिल थे. दीपाली का आरोप है कि समझौते के लिए प्रलोभन और धमकी दोनों का इस्तेमाल किया गया.
अब दीपाली तिवारी ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के खिलाफ सिराथू विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है. उन्होंने कहा कि सिराथू की बेटी होने के नाते वह अपने दादा मंगला प्रसाद तिवारी (तीन बार विधायक) की विरासत को आगे बढ़ाएंगी. इस पूरे मामले से महोबा जिले का सियासी पारा चढ़ गया है.
जिलाध्यक्ष मोहन लाल कुशवाहा ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. दीपाली तिवारी की बगावत BJP के अंदरूनी कलह को उजागर करती नजर आ रही है. देखना होगा कि पार्टी इस विवाद को कैसे संभालती है.