अनुसूचित जाति से होंगे भारत के नए मुख्य न्यायाधीश, CJI राजीव खन्ना ने कानून मंत्रालय से की सिफारिश

Rahul Jadaun 16 Apr 2025 03:43: PM 1 Mins
अनुसूचित जाति से होंगे भारत के नए मुख्य न्यायाधीश, CJI राजीव खन्ना ने कानून मंत्रालय से की सिफारिश

ग्लोबल भारत नेशनल डेस्क: देश को दूसरी बार अनुसूचित जाति से CJI मिलने वाले हैं. जिनकी सिफारिश कानून मंत्रालय से खुद चीफ जस्टिस संजीव खन्ना ने की है. दरअसल 13 मई को मौजूदा सीजेआई संजीव खन्ना रिटायर होने वाले हैं. इसी वजह से उन्होंने कानून मंत्रालय को अगले सीजेआई के लिए जस्टिस बीआर गवई के नाम की सिफारिश की है.

14 मई को होगी 52वें चीफ जस्टिस की नियुक्ति

13 मई 2025 को संजीव खन्ना रिटायर होने वाले हैं, जिसके बाद 14 मई को नए चीफ जस्जिस का शपथग्रहण होगा. अगर बीआर गवई के नाम पर फाइनल मुहर लगती है तो 14 मई को वो देश के 52वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ लेंगे

अनुसूचित जाति से दूसरे मुख्य न्यायाधीश होंगे गवई

बीआर गवई सीजेआई बनते ही एक रिकॉर्ड और बना देंगे. दरअसल ये अनुसूचित जाति से मुख्य न्यायाधीश बनने वाले देश के दूसरे मुख्य न्यायाधीश होंगे. गवई से पहले केजी बालाकृष्णन अनुसूचित जाति से मुख्य न्यायाधीश बनने वाले पहले व्यक्ति बने थे. लेकिन बीआर गवई का कार्यकाल ज्यादा लंबा नहीं रहने वाला. वो पद संभालने के बाद सिर्फ 6 महीने तक ही देश के मुख्य न्यायाधीश रहेंगे. और नवंबर 2025 में रिटॉयर होंगे.

1985 में शुरू किया था करियर

महाराष्ट्र के अमरावती के रहने वाले जस्टिस बीआर गवई ने अपने करियर की शुरूआत 1985 में की थी. शुरूआत में उन्होंने वकील के तौर पर काम किया था. उस समय वो महाराष्ट्र के पूर्व एडवोकेट जनरल बैरिस्टर राजा भोंसले के साथ काम करते थे. 1987 से लेकर 1990 तक गवई वकालात करते रहे. साल 1992 में गवई को बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच में महाराष्ट्र सरकार का असिस्टेंट प्लीडर और असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर के तौर पर तैनात किया गया. जिसके बाद गवई 2003 में हाईकोर्ट के एडिशनल जज बने थे. इसके बाद साल 2019 में गवई सुप्रीम कोर्ट पहुंचे और अब 2025 में देश के मुख्य न्यायाधीश बनने वाले हैं.

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