राजस्थान के उदयपुर शहर में 16 अगस्त की सुबह जो हुआ, उसकी जो कहानी 24 घंटे बाद सामने आई है, वो आपको दिल और दिमाग दोनों को झकझोर कर रख देगी. उदयपुर नगर निगम और वन विभाग की टीम जब बुलडोजर लेकर पहुंची तो उसने कुछ ऐसा देखा, जिसके बाद एसपी के भी होश उड़ गए, ये जो तस्वीरें आप देख रहे हैं, ये दो मायनों में काफी अलग है.
पहला ये कि किसी घर को गिराने से पहले उस घर की छत पर दर्जनों की संख्या में पुलिसकर्मी खड़े हैं, पर दिमाग कालीदास वाला नहीं है कि जिस डाल पर बैठे हैं, उसी को गिरा रहे हैं, बल्कि इसके पीछे पुलिस अधिकारियों की बड़ी प्लानिंग थी, उन्हें ऐसा इनपुट मिला था कि पत्थरबाजी भी हो सकती है, छतों पर पत्थऱ या कुछ ऐसे सामान रखे हो सकते हैं, जिससे हालात बिगड़ सकते हैं, नतीजा कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची तब जाकर आरोपी के घर बुलडोजर चला, लेकिन उसके बाद ये पता चला कि आरोपी ने वन विभाग की जमीन पर कब्जा कर मकान बनाया था, वहां के कलेक्टर कहते हैं हमने नोटिस दिया, उसके बाद बुलडोजर एक्शन लिया.
ऐसे में सवाल ये खड़ा होता है कि क्या उदयपुर केस के आरोपी का पिता मुख्तार और अतीक की तरह भूमाफिया है, जिसने वन विभाग की जमीन पर कब्जा करके न सिर्फ आलीशान मकान बनाया, बल्कि अपने लड़के को भी ये सीखा रहा था कि बाहर किसी से डरना नहीं है. क्या वो किसी ग्रुप का हिस्सा है, जो लड़कों के दिमाग इस तरह की बातें भर रहे हैं.
उदयपुर के कलेक्टर साहब कहते हैं कि हम ये पता लगाने की कोशिश में हैं कि उसके पास इतना खतरनाक सामान आया कहां से, जो प्रिंसिपल साहिबा घटना के बाद ये कह रही थीं कि इनकी कोई लड़ाई नहीं थी, अब उसी स्कूल के कई लड़के ये कह रहे हैं कि करीब एक हफ्ते से इन लोगों के बीच बहस चल रही थी, होमवर्क को लेकर दोनों की लड़ाई हुई थी. जो लड़का अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है, वो पढ़ने में काफी तेज-तर्रार था, तो क्या ये लड़ाई नंबर 1 बनने की थी, या फिर आरोपी लड़के को किसी ने अपने खास मकसद से उकसाया था, वो कौन है जो राजस्थान की धरती का माहौल खराब करना चाहता है, उदयपुर केस में जिसकी दाल नहीं गली तो अगले ही दिन जयपुर में उसने माहौल खराब करने की कोशिश की, क्या इस पूरे खेल के पीछे कोई और है, जिस तक पुलिस को पहुंचना होगा.
17 अगस्त की सुबह-सुबह ही जयपुर से ये ख़बर सामने आती है कि एक ई-रिक्शा चलाने वाले शाहरूख नाम के एक लड़के ने स्कूटी सवार एक व्यक्ति को सीधा ऊपर पहुंचा दिया, दोनों के बीच विवाद ई-रिक्शा में स्कूटी टच होने को लेकर था. इस मामले में सियासत शुरू हुई तो बीजेपी विधायक बालमुकमंद आचार्य ने ये तक कह दिया कि इधर बांग्लादेशी भी रहते हैं.
तो क्या इन मामलों में रोहिंग्याओं और बांग्लादेशियों का हाथ है, क्या मेवात की तरह राजस्थान में माहौल बिगाड़ने की साजिश रची जा रही है, कुछ दिनों पहले ही राजस्थान से ही एक आरोपी ने पीएम मोदी को धमकी दी थी, जिसके बाद आईबी ने डीग जिले में जाकर गिरफ्तारी की थी, पर कोई खास खुलासा हो नहीं पाया था, इस केस में भी अभी कई खुलासे बाकी हैं, पर जिस हिसाब से राजस्थान पुलिस योगी मॉडल पर चल रही है, जिस हिसाब ने 24 घंटे के भीतर ही बुलडोजर कार्रवाई की है, उसकी कई लोग तारीफ कर रहे हैं, तो वहीं कई लोग आलोचना कर रहे हैं, आप इस एक्शन पर क्या कहेंगे.