चित्रकूट: उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय में हुई घटना ने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. यहां प्रधानाध्यापिका पर छात्राओं से अनुचित कार्य करवाने का आरोप लगा है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया.
मामला करवी क्षेत्र के नया बाजार स्थित प्राथमिक विद्यालय (भाग-1) से जुड़ा है. वायरल क्लिप में दिखाया गया है कि प्रधानाध्यापिका फर्श पर लेटी हुई हैं, जबकि छोटी छात्राएं उनके हाथ-पैर दबा रही हैं. कुछ दृश्यों में एक बच्ची पैरों से पीठ दबाती नजर आती है, तो कहीं बेलन जैसी चीज से भी मालिश करते हुए देखा गया. इस दौरान शिक्षिका मोबाइल फोन का इस्तेमाल करती दिख रही हैं, जबकि कक्षा में पढ़ाई का कोई काम नहीं चल रहा था.
स्थानीय अभिभावक और ग्रामीण लंबे समय से स्कूल में पढ़ाई की बजाय बच्चों से घरेलू या अन्य काम करवाने की शिकायत करते रहे हैं. इस वीडियो के सामने आने के बाद लोगों में रोष फैल गया. कई अभिभावकों ने कहा कि वे बच्चों को पढ़ने-लिखने के लिए स्कूल भेजते हैं, न कि शिक्षकों की व्यक्तिगत सेवा के लिए.
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बीके शर्मा ने मामले का तुरंत संज्ञान लिया. उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारी को जांच सौंपी. जांच में आरोप सही पाए गए. स्कूल में कुल 68 पंजीकृत बच्चों में से उस दिन सिर्फ 7 ही मौजूद थे. बच्चों और मिड-डे मील रसोइयों ने भी हाथ-पैर दबवाने और बाल संवारने जैसी बातों की पुष्टि की.
प्रधानाध्यापिका मधु राय (या मधु कुमारी राय) जांच के दौरान चिकित्सीय अवकाश पर बताई गईं और उन्होंने आरोपों से इनकार किया, लेकिन सबूतों के आधार पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. यह घटना शिक्षा के मंदिर में अनुशासन और नैतिकता की कमी को उजागर करती है. विभाग ने कार्रवाई तो की, लेकिन अभिभावक अब स्कूलों में बेहतर निगरानी और बच्चों की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं.