US Army specialist Shilpa Choudhary: यूएस आर्मी में तैनात भारतीय मूल की स्पेशलिस्ट शिल्पा चौधरी का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है. ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की 28 फरवरी 2026 को अमेरिका-इजरायल के हमलों में मौत के बाद भारत के कई हिस्सों में हुए विरोध प्रदर्शनों पर उन्होंने अपनी राय रखी है.
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शिल्पा, जो तीन बच्चों की मां हैं और केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल तथा न्यूक्लियर (CBRN) क्षेत्र में विशेषज्ञ हैं, ने अपने वीडियो में होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मौजूदा हालात देखकर उनका मन त्योहार मनाने का बिल्कुल नहीं हुआ. उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी धर्म या समुदाय के विरोधी नहीं हैं, बल्कि किसी भी तरह की कट्टरता के खिलाफ हैं. उनकी सबसे करीबी दोस्त मुस्लिम है और वे एक-दूसरे के त्योहारों का बराबर सम्मान करते हैं.
उन्होंने भारत में हो रहे इन प्रदर्शनों पर गंभीर सवाल उठाए. उनका कहना है कि विदेश से देखने पर ये विरोध भारत की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं और दुनिया भर में लोग इसका मजाक उड़ा रहे हैं. उन्होंने पूछा कि इन प्रदर्शनों से आखिर क्या हासिल होने वाला है? इससे स्थानीय स्तर पर अशांति फैल रही है, जबकि अंतरराष्ट्रीय मुद्दे बेहद जटिल होते हैं और पूरी यूएस आर्मी में तैनात भारतीय मूल की स्पेशलिस्ट शिल्पा चौधरी का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है. ई रान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की 28 फरवरी 2026 को अमेरिका-इजरायल के हमलों में मौत के बाद भारत के कई हिस्सों में हुए विरोध प्रदर्शनों पर उन्होंने अपनी राय रखी है. जानकारी के बिना ऐसी प्रतिक्रियाएं जोखिम भरी हो सकती हैं.
शिल्पा ने भावुक होकर अपील की कि भारत को दुनिया में सम्मान की नजर से देखा जाता है, उस सम्मान को खराब न होने दें. जिस देश में आप रहते हैं, उसी से प्यार करें और उसकी बेहतरी के लिए सोचें. उन्होंने जोर दिया कि ये संदेश किसी धार्मिक विभेद को बढ़ावा देने के लिए नहीं है, बल्कि एकता और समझदारी की बात है.
उनके इस वीडियो पर लोग अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. कुछ उनकी बात से सहमत हैं तो कुछ इसे व्यक्तिगत राय मानते हुए विरोध जता रहे हैं. कुल मिलाकर, ये मामला वर्तमान भू-राजनीतिक तनाव और भारत में उसकी प्रतिध्वनि पर बहस छेड़ रहा है.