लखनऊ: लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर शनिवार को लखनऊ में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय एकता पर जोर देते हुए कहा कि भारत की एकता और अखंडता को चुनौती देने के कुत्सित प्रयास हो रहे हैं. इनका मिलकर सामना करना होगा, यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी.
सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार क्षेत्र विकास योजना के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा, ''अब भारत में दो कानून नहीं चलेंगे. एक देश में एक प्रधान, एक विधान और एक निशान ही चलेगा.'' उन्होंने राष्ट्रीय एकता को खतरा बताते हुए कहा कि जब हम जाति, क्षेत्र या भाषा के नाम पर बंटते हैं तो समाज की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है. जातिवाद, क्षेत्रवाद जैसी बीमारियां समाज को कमजोर करके आक्रांताओं को आमंत्रित करती हैं.
सीएम ने सरदार पटेल द्वारा 563 से अधिक रियासतों को भारतीय गणराज्य में शामिल करने का जिक्र करते हुए जूनागढ़ और हैदराबाद की घटनाओं का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि जूनागढ़ के नवाब और हैदराबाद के निजाम को भागना पड़ा था. कश्मीर के संदर्भ में उन्होंने पंडित जवाहरलाल नेहरू पर निशाना साधते हुए कहा कि धारा 370 कांग्रेस का पाप था, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने समाप्त कर कश्मीर को बाकी भारत की तरह एक बना दिया.
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जो लोग जिन्ना को अपना आदर्श मानते हैं, वे लौहपुरुष पटेल के अनुयायी नहीं हो सकते. लौहपुरुष का अनुयायी वही हो सकता है जिसके मन में राष्ट्रवाद हो और जो भारत की एकता, सुरक्षा व संप्रभुता को सर्वोपरि रखता हो. उन्होंने विभाजनकारी तत्वों से सावधान रहने और मिलकर इन कुत्सित प्रयासों का मुकाबला करने का आह्वान किया.