नेम प्लेट वाले फैसले पर कांग्रेस का यूटर्न, कहा- राज्य में इसकी अभी जरूरत नहीं

Global Bharat 27 Sep 2024 12:56: PM 1 Mins
नेम प्लेट वाले फैसले पर कांग्रेस का यूटर्न, कहा- राज्य में इसकी अभी जरूरत नहीं

हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने शुक्रवार को साफ किया है कि सड़क विक्रेताओं के लिए पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य करने का कोई फैसला नहीं लिया गया है. राज्य के शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह के बयान के बाद, कांग्रेस सरकार ने बताया कि नीति तैयार करने के लिए गठित समिति अब तक नहीं बुलाई गई है.

मुख्यमंत्री के प्रमुख मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने एएनआई से बातचीत में कहा, "स्पीकर ने एक समिति का गठन किया है, जिसमें कांग्रेस और बीजेपी के मंत्री और अन्य विधायक शामिल हैं. केवल समिति की रिपोर्ट पर विचार करने के बाद ही कैबिनेट अंतिम फैसला लेगी. अभी तक सरकार ने विक्रेताओं को पहचान या फोटो दिखाने का फैसला नहीं लिया है."

आपको बता दें, नरेश चौहान ने आगे उत्तर प्रदेश की नीतियों की तुलना पर भी टिप्पणी की. चौहान ने कहा, "हिमाचल प्रदेश में यूपी जैसे मॉडल की जरूरत नहीं है. हम अपनी नीतियों को स्वतंत्र रूप से आकार देंगे." उन्होंने बताया कि फैसला लेने में जनता की राय और समिति की रिपोर्ट को ध्यान में रखा जाएगा.

विक्रमादित्य सिंह ने अधिकारियों के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की. समिति में स्वास्थ्य मंत्री सहित महत्वपूर्ण सदस्य शामिल हैं, जो इस मामले पर विचार करेंगे. चौहान ने आगे बताया, "यहां काम करने वाले लोगों के पास लाइसेंस होते हैं. बाहर अपनी दुकानों के सामने नाम, फोटो पहचान या पंजीकरण संख्या दिखाने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है."

चौहान ने अन्य राज्यों के कामकाजी लोगों के प्रति सरकार के स्वागतपूर्ण दृष्टिकोण पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा, "देश के किसी भी हिस्से से कोई भी यहां काम करने के लिए स्वागत है. हम रिकॉर्ड रखेंगे, लेकिन संवैधानिक अधिकारों के तहत ही लोग किसी भी राज्य में काम करने के लिए स्वतंत्र हैं. हमारी प्राथमिकता सही रिकॉर्ड रखना है, लेकिन हम अन्य राज्यों की नीतियों की नकल नहीं करना चाहते."

Recent News