रामपुर: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में उनके खिलाफ रामपुर के अजीमनगर थाने में FIR दर्ज करा दी है. ईडी के लखनऊ कार्यालय में तैनात डिप्टी डायरेक्टर पीयूष एस. थ्रोट की शिकायत पर यह कार्रवाई हुई है. शिकायत धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 66(2) के तहत दर्ज की गई.
FIR में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61, 316(5) और 318(4) के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 13(1) और 13(2) भी लगाई गई हैं. जांच एजेंसी का आरोप है कि जौहर ट्रस्ट और विश्वविद्यालय को मिले फंड के स्रोत और उनके इस्तेमाल में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है. ईडी यह जांच कर रही है कि ट्रस्ट को पैसा कहां से आया और उसे किन कामों में खर्च किया गया. सरकारी ठेकेदारों से जुड़े लेन-देन पर भी एजेंसी की नजर है. इससे पहले ईडी ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी से जुड़े कई लोगों से पूछताछ कर चुकी है.
13 अक्टूबर को ईडी ने रामपुर जेल में आजम खान से करीब आठ घंटे तक पूछताछ भी की थी. अब उसी जांच के आधार पर FIR दर्ज की गई है. हालांकि, FIR दर्ज होने का मतलब आरोप साबित होना नहीं है. मामले की विस्तृत जांच के बाद ही तथ्यों की पुष्टि हो सकेगी. आजम खान की ओर से इस FIR पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. मामले में अब पुलिस और जांच एजेंसियां दस्तावेजों तथा वित्तीय लेन-देन की गहराई से पड़ताल करेंगी.