नई दिल्ली: मानसून अब पूरी तरह से रौद्र रूप दिखा रहा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 16 जुलाई को लेकर पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का हाई अलर्ट जारी किया है. एक सक्रिय कम दबाव का क्षेत्र और पांच से अधिक चक्रवाती परिसंचरण एक साथ काम कर रहे हैं, जिसके चलते पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार और आसपास के राज्यों में मूसलाधार बारिश के साथ तेज आंधी-तूफान और बिजली गिरने की आशंका है.
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट पर बना कम दबाव का क्षेत्र लगातार मजबूत हो रहा है. इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 7.6 किलोमीटर ऊपर तक फैला हुआ है और अगले दो दिनों में उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने वाला है. इसके अलावा उत्तर पाकिस्तान, उत्तर प्रदेश, बिहार, असम और राजस्थान के ऊपर अलग-अलग स्तरों पर चक्रवाती हवाएं सक्रिय हैं, जो बारिश की तीव्रता बढ़ा रही हैं.
16 जुलाई को गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा और अरुणाचल प्रदेश में अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, असम, मेघालय, सिक्किम, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक वाले बादल छाए रहेंगे. कई इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने का भी खतरा है. निचले इलाकों में जलभराव, स्थानीय बाढ़ और फसलों को नुकसान का खतरा मंडरा रहा है. IMD ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और मौसम अपडेट पर नजर रखें.
दूसरी ओर, देश के कुछ हिस्सों में गर्मी और उमस का सितम भी जारी रहेगा. आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के कुछ इलाकों में लू चलने की संभावना है, जबकि उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में उमस भरी गर्मी महसूस की जाएगी. कल का मौसम पूर्वी भारत के लिए चुनौती भरा साबित हो सकता है. सुरक्षित रहें और मौसम विभाग की सलाह का पालन करें.